सिमुलतला. सिमुलतला की पावन धरती पर आयोजित श्रीश्री 1008 शिव शक्ति महायज्ञ के दूसरे दिन शिवपुराण कथा और सांस्कृतिक कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. शाम होते ही पूरा यज्ञ परिसर भक्ति, आस्था और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा. कथा प्रवचन के दौरान स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज ने कहा कि कलियुग में मनुष्य को अपने पापों से मुक्ति पाने के लिए भगवान शिव की भक्ति, शिवकथा का श्रवण और शिवनाम का स्मरण करना चाहिए. उन्होंने कहा कि शिवभक्ति से मनुष्य के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है. स्वामी जी के मुखारविंद से शिवपुराण कथा सुनकर श्रद्धालु देर रात तक भक्ति में लीन रहे. उन्होंने शिवपुराण के प्रथम अध्याय का महत्व बताते हुए कहा कि सभी पुराणों में शिवपुराण अत्यंत पवित्र और कल्याणकारी ग्रंथ है. इसमें भगवान शिव की महिमा, उनके अवतारों, दिव्य लीलाओं तथा शिवभक्ति के महत्व का विस्तार से वर्णन किया गया है. उन्होंने बताया कि शिवपुराण का मूल स्वरूप अत्यंत विशाल था, जिसमें लगभग एक लाख श्लोक और 12 संहिताएं थीं. बाद में महर्षि वेदव्यास ने इसे संक्षिप्त कर करीब 24 हजार श्लोकों और सात संहिताओं में व्यवस्थित किया, ताकि आमजन इसे सरलता से समझ सकें. कथा प्रवचन के बाद प्रसिद्ध गायक संगम सम्राट के सांस्कृतिक कार्यक्रम ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया. उनके भजनों और प्रस्तुति पर श्रद्धालु झूमते नजर आये. आयोजन समिति ने बताया कि मंगलवार की शाम पुनः स्वामी कैलाशानन्द गिरी जी महाराज शिवपुराण कथा का प्रवचन करेंगे. इसके बाद रात 10 बजे से 12 बजे तक गायिका करीना पांडेय का सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा. महायज्ञ में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंचकर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं.
अपने पापों से मुक्ति के लिए शिव को करें स्मरण : कैलाशानंद गिरी
सिमुलतला की पावन धरती पर आयोजित श्रीश्री 1008 शिव शक्ति महायज्ञ के दूसरे दिन शिवपुराण कथा और सांस्कृतिक कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी.
