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Shardiya Navratri 2020 : 58 वर्ष के बाद नवरात्रि में बन रहा दुर्लभ योग, जानें जातक के लिए कैसा होगा फलाफल

By Prabhat Khabar Print Desk
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Shardiya Navratri 2020: शारदीय नवरात्रि 2020 की शुरुआत  17 अक्टूबर से हो जाएंगे.
Shardiya Navratri 2020: शारदीय नवरात्रि 2020 की शुरुआत 17 अक्टूबर से हो जाएंगे.
Prabhat Khabar

जमुई : इसबार आगामी 17 अक्टूबर से माता दुर्गा की आराधना को लेकर नवरात्र शुरू होगा. 25 अक्टूबर तक श्रद्धा एवं भक्ति से मां की आराधना किया जाएगा. 58 वर्ष के बाद यह दुर्लभ योग बन रहा है. ज्योतिषाचार्य पंडित विजय कुमार पांडेय बताते हैं कि इस बार 58 वर्ष के बाद शनि, मकर में गुरु, धनु राशि में रहेंगे और नवरात्रि मनाया जाएगा.

शनिवार को 17 अक्टूबर से मां दुर्गा की पूजा आराधना को लेकर नौ दिवसीय पर्व नवरात्रि शुरू होगा. यह 25 अक्टूबर तक मनाया जाएगा. इस दिन सूर्य का राशि परिवर्तन भी होगा. सूर्य तुला में प्रवेश करेंगे. इस राशि से पहले वक्री बुध भी रहेगा. इस कारण बुध और आदित्य का योग बनेगा.

उन्होंने बताया कि नवरात्रि में शनि मकर में गुरु धनु राशि में रहेंगे. यह दोनों 58 वर्ष बाद एक साथ अपनी अपनी राशि में रहेंगे. वर्ष 2020 से पहले यह योग 1962 में बना था. उस समय 29 सितंबर से नवरात्रि शुरू हुआ था.

नौ दिनों की होगी नवरात्रि

आचार्य श्री पांडेय ने बताया कि इस साल नवरात्रि पूरे नौ दिनों की होगी. इस दिन सूर्य तुला राशि से प्रवेश कर नीचे हो जाएंगे. 17 अक्टूबर को बुध और चंद्र भी तुला राशि में रहेंगे. चंद्र 18 अक्टूबर को वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे. लेकिन सूर्य और बुध का यह योग बुधादित्य योग के नाम से पूरे नवरात्र तक रहेगा.

घोड़ा पर सवार होकर आएगी देवी मां : उन्होंने बताया कि शनिवार से शुरू हो रहे नवरात्र में मां दुर्गा का वाहन घोड़ा रहेगा. उन्होंने बताया कि नवरात्र जिस दिन से शुरू होती है. उसके अनुसार इनका वाहन होता है. अगर सोमवार या रविवार से शुरू हो तो इनका वाहन हाथी, शनिवार या मंगलवार से शुरू हो तो घोड़ा, गुरुवार एवं शुक्रवार शुरू हो तो डोली और बुधवार से शुरू होने पर माता का वाहन नाव होता है.

जातक के लिए होगा फलाफल : ज्योतिषाचार्य ने बताया कि नवरात्रि में अलग-अलग राशि जातक के लिए अलग-अलग फल माना गया है. उन्होंने बताया कि मेष राशि वालों के लिए विवाह के योग, प्रेम में सफलता. वृष राशि वालों के लिए शत्रु पर विजय, रोगों से छुटकारा.

मिथुन के लिए संतान सुख, नौकरी में प्रमोशन, धन का लाभ. कर्क राशि वालों के लिए माता से सुख, वैभव बढ़ेगा, कार्य में सफलता और सम्मान. सिंह राशि वालों के लिए पराक्रम में वृद्धि, भाई से मदद, फल की प्राप्ति.

कन्या राशि वालों के लिए संपत्ति का लाभ. तुला राशि वालों के लिए सोचे हुए कार्य का पूर्ण, प्रसन्नता. वृश्चिक राशि वालों के लिए अनावश्यक खर्च, पारिवारिक चिंता. धनु राशि वालों के लिए लाभ, मकर राशि के जातक के लिए मानसिक तनाव, अनावश्यक खर्च.

कुंभ राशि वालों के लिए भाग्य में वृद्धि, साथी की मदद एवं मीन राशि वालों के लिए शत्रुओं से परेशानी, दुर्घटना का भय बना रहेगा. उन्होंने जनमानस को पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ माता की आराधना करने का अपील किया. साथ ही कहा कि यह सभी मनोकामना को सिद्ध करने वाली हैं. दुखों से छुटकारा देने वाले हैं. क्योंकि यह मां है.

Posted by Ashish Jha

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