आंगनबाड़ी बच्चों की पोशाक तैयार करेंगी जीविका दीदियां

जिले के सभी दस प्रखंडों में बुधवार 13 अगस्त से जीविका दीदियों को सिलाई कार्य में दक्ष बनाने के लिए सात दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण शुरू हो गया

जमुई . जिले के सभी दस प्रखंडों में बुधवार 13 अगस्त से जीविका दीदियों को सिलाई कार्य में दक्ष बनाने के लिए सात दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण शुरू हो गया. सभी प्रखंडों के नोडल संकुल स्तरीय संघ में लीडर दीदियों ने दीप प्रज्वलित कर सिलाई प्रशिक्षण-सह-वस्त्र उत्पादन केंद्र का शुभारंभ किया. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद कुशल दीदियां आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए पोशाक तैयार करेंगी. गौरतलब है कि बिहार राज्य जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति और समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) के बीच 1 जुलाई 2025 को समझौता हुआ था, जिसके तहत जीविका के सामुदायिक संगठनों के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों में स्कूल-पूर्व शिक्षा ले रहे बच्चों को पोशाक उपलब्ध कराई जाएगी. गिद्धौर, झाझा, सिकंदरा, ई. अलीगंज, खैरा, लक्ष्मीपुर, बरहट, चकाई और सोनो प्रखंड में नए केंद्र खोले गए हैं, जबकि सदर प्रखंड में पहले से ही केंद्र संचालित है. जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक संजय कुमार ने बताया कि यह प्रशिक्षण दसों प्रखंडों में चार बैच में आयोजित होगा. प्रत्येक बैच में 25 दीदियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और कुल 1000 जीविका दीदियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है. चयनित दीदियाँ पहले से सिलाई का काम जानती हैं, लेकिन प्रशिक्षण से उन्हें और दक्ष बनाते हुए रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा. सभी केंद्रों पर मास्टर ट्रेनर की व्यवस्था की गई है. उन्होंने बताया कि सरकार महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन के लिए लगातार प्रयास कर रही है. सिलाई केंद्रों से जुड़ने वाली महिलाएं जीविका के स्वयं सहायता समूहों की सदस्य हैं और अपनी योग्यता व रुचि के अनुरूप अब नए आय के अवसर पा रही हैं.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

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