मातृ स्वास्थ्य सुधार की दिशा में ऐतिहासिक पहल
जमुई. जिले में एनीमिया के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की शुरुआत करते हुए गुरुवार को सदर अस्पताल में फेरिक कार्बोक्सीमाल्टोज (एफसीएम) डोज कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. राज्य स्तर पर इस कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के द्वारा किया गया. इसके तहत अब जिले में भी इस योजना को लागू कर दिया गया है. कार्यक्रम के दौरान कुल 72 गर्भवती महिलाओं का हीमोग्लोबिन (एचबी) टेस्ट किया गया. जांच में जिन महिलाओं का एचबी स्तर 7 से 9 के बीच पाया गया, उनमें से 9 महिलाओं को एफसीएम का सिंगल डोज दिया गया.अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं को दिया जायेगा लाभ
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह डोज गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की कमी को तेजी से दूर करने में कारगर साबित हो रहा है. इससे मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. जानकारी देते हुए डीपीएम पवन कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम को जल्द ही जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक विस्तारित किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं को इसका लाभ मिल सके. मौके पर डीसीएम, अस्पताल प्रबंधक रमेश पांडेय सहित पीरामल टीम के सदस्य मौजूद थे.बोले सीएस
एफसीएम डोज कार्यक्रम से मातृ स्वास्थ्य को नयी मजबूती मिलेगी और एनीमिया मुक्त समाज की दिशा में तेजी आएगी.डॉ अशोक कुमार सिंह, सिविल सर्जन, जमुई
