गिद्धौर. प्रखंड के कोल्हुआ पंचायत अंतर्गत भोलानगर महादलित टोला के ग्रामीण आज भी मुख्य सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं. करीब 1200 की आबादी वाले इस टोले तक पहुंचने वाली सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, जिससे लोगों का दैनिक आवागमन मुश्किल हो गया है. ग्रामीणों के अनुसार, टोला में जाने वाली मुख्य सड़क जगह-जगह बड़े गड्ढों में तब्दील हो गयी है और इसकी स्थिति खेत जैसी हो गयी है. खासकर बुजुर्गों और बच्चों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है. सरकार द्वारा पंचायत स्तर पर गली-नाली, सड़क, पेयजल, बिजली और अन्य योजनाओं के माध्यम से विकास का दावा किया जा रहा है, लेकिन भोलानगर महादलित टोला के लोग खुद को इस विकास की धारा से अलग-थलग महसूस कर रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण यह स्थिति बनी हुई है. स्थानीय निवासी मनोज मांझी, तूफानी मांझी, रिंकु मांझी, गिरीश मांझी, मालिक मांझी, सौदागर मांझी और रोहन मांझी सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि कई बार मनरेगा और अन्य योजनाओं के तहत सड़क निर्माण व मरम्मत का कार्य कराया गया, लेकिन वह केवल खानापूर्ति बनकर रह गया. नतीजतन सड़क फिर से बदहाल हो गयी. ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब इस सड़क का स्थायी निर्माण कराने की मांग की है, ताकि उन्हें भी सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके और वे सामान्य जीवन जी सकें.
जर्जर सड़क से परेशान भोलानगर महादलित टोला के लोग
प्रखंड के कोल्हुआ पंचायत अंतर्गत भोलानगर महादलित टोला के ग्रामीण आज भी मुख्य सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं.
