नक्सली मनोज हंसदा गिरफ्तार

गुप्त सूचना पर बरमोरिया के जंगल से हुई गिरफ्तारी गिरफ्तार नक्सली की पत्नी मीना कोड़ा भी है नक्सली

सोनो. कई नक्सली कांडों का वांछित नक्सली मनोज हंसदा (35) को शनिवार तड़के सुबह चरकापत्थर व चकाई थाना क्षेत्र की सीमा के समीप बरमोरिया के जंगल से गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तार नक्सली मनोज हंसदा पिता मंगरू हंसदा चरकापत्थर थाना क्षेत्र के चिल्काखार का निवासी है. उसकी पत्नी मीना कोड़ा भी नक्सल संगठन की सदस्य है और वर्तमान में भूमिगत है. पुलिस को उसकी भी तलाश है. चरकापत्थर थानाध्यक्ष विशाल कुमार सिंह और एसएसबी पदाधिकारी ने बताया कि शुक्रवार की देर शाम सूचना मिली कि नक्सली और वारंटी नक्सली मनोज हंसदा देर रात्रि के बाद बरमोरिया के जंगल में अपने किसी करीबी से मिलने आयेगा. सूचना को पुलिस अधीक्षक व समवाय प्रभारी की दी गयी. समवाय प्रभारी व चरकापत्थर थानाध्यक्ष के साथ एसएसबी जवान व पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर एसएसबी सी समवाय कंपनी कमांडर के नेतृत्व में देर रात संदिग्ध क्षेत्र की निगरानी की जाने लगी. शनिवार तड़के एक संदिग्ध व्यक्ति को देखने के बाद जब जवानों ने उसे पकड़ना चाहा, तब वह भागने लगा, लेकिन जवानों ने खदेड़ कर उसे पकड़ लिया. प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि गिरफ्तार व्यक्ति नक्सली मनोज हांसदा है, जिस पर न्यायालय से भी वारंट निर्गत है. गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की जा रही है.

गिरफ्तार नक्सली की पत्नी भी नक्सली

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार नक्सली मनोज हंसदा की पत्नी मीना कोड़ा भी नक्सली है. मीना कोड़ा के विरुद्ध भी कई नक्सल कांड की प्राथमिकी अलग अलग थाने में दर्ज है. मीना भी काफी समय से फरार चल रही है. पुलिस को उसकी भी तलाश है, लेकिन वह इस समय भूमिगत है. अब जबकि नक्सली मीना का पति पुलिस की गिरफ्त में आ गया है. पुलिस मनोज से उसकी पत्नी मीना के बारे में जानकारी हासिल करने का प्रयास कर रही है. पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही मीना कोड़ा को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

नक्सली मनोज पर विभिन्न थानों में दर्ज हैं मामले

बरमोरिया से गिरफ्तार फरार नक्सली मनोज हंसदा के ऊपर कई थानों में मामला दर्ज है. चरकापत्थर थाना में कांड संख्या 87/13 दिनांक 15/06/2013 और कांड संख्या 119/13 दिनांक 17/08/2013 दर्ज है. वहीं खैरा थाने के नक्सल कांड संख्या 50/12 में भी मनोज अभियुक्त है. न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम जमुई की ओर से 313/2021 के तहत अभियुक्त के विरुद्ध 82 एवं 83 सीआरपीसी तामिला निर्गत किया गया था. इसमें दिनांक 06/05/2025 को अभियुक्त को न्यायालय में प्रस्तुत करने का भी आदेश जारी किया गया था. सिविल कोर्ट जमुई से भी उसके विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है. इसके अतिरिक्त उपरोक्त नक्सली पर अन्य कई थानों में भी संगीन मामले दर्ज हैं. इसकी जानकारी पुलिस एकत्र कर रही है.

काफी कम उम्र में नक्सली संगठन में शामिल हो गया था मनोज हांसदा

गिरफ्तार नक्सली चिल्काखार निवासी मनोज हांसदा की वर्तमान उम्र लगभग 35 वर्ष बतायी जा रही है. उसके विरुद्ध दर्ज मामलों पर गौर करें, तो पता चलता है कि ये कांड आज से लगभग 12 वर्ष पूर्व 2013 और 2012 में दर्ज हुआ है, यानी उस वक्त मनोज की उम्र लगभग 21 से 22 वर्ष की रही होगी. निश्चित ही इसके दो तीन वर्ष पूर्व ही यानी लगभग 18 से 19 वर्ष की उम्र में यह नक्सली संगठन में शामिल हुआ होगा. उस वक्त ऐसे नये उम्र के नौजवानों को गुमराह कर संगठन में शामिल किया जा रहा था. बताया जाता है कि शादी के बाद उसकी पत्नी भी संगठन से जुड़ गयी थी.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

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