दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने वाले पति को कोर्ट ने सुनायी दस वर्ष कठोर कारावास की सजा
दहेज के लिए हत्या के एक मामले में न्यायालय ने दोषी को दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनायी है
जमुई.
दहेज के लिए हत्या के एक मामले में न्यायालय ने दोषी को दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनायी है. मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जमुई की अदालत में हुई. जहां सत्र वाद संख्या 687/23 और जमुई थाना कांड संख्या 496/23 में दहेज हत्या के मामले में मृतका के पति अजीत मंडल को दोषी करार देते हुए उसके खिलाफ सजा सुनायी गयी है. मामला सदर थाना क्षेत्र के लगमा गांव से जुड़ा हुआ है. बीते 10 अगस्त 2023 को सुभाषा देवी को उसके ही ससुराल पक्ष के लोगों ने दहेज के लिए मार दिया था. घटना को लेकर मृतका के पिता सदर थाना क्षेत्र के हरनाहा निवासी कटीमन पंडित ने सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. उसने बताया था कि फरवरी महीने में मेरी बेटी की शादी लगमा गांव निवासी अजीत पंडित के साथ हुई थी. शादी में छह लाख रुपये खर्च किये थे. लेकिन उसके बाद भी उनकी बेटी से ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा लगातार पैसे, मोटरसाइकिल और अन्य सामान की मांग की जाती थी और उसके साथ मारपीट की जाती थी. 10 अगस्त 2023 को ससुराल पक्ष के लोगों ने मेरी बेटी को पीटकर उसकी हत्या कर दी थी. उसके बाद मृतका के पिता के लिखित आवेदन के आधार पर सदर थाना में मृतका के पति अजीत मंडल के अलावा उसकी सास नंदरानी देवी, ननद मुन्नी देवी, ननदोई प्रमोद मंडल सहित अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवायी थी. मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मृतका के पति अजीत मंडल को दहेज हत्या का दोषी पाते हुए उसके खिलाफ सजा सुनायी है. अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 304(बी) और 34 के तहत दोषी करार देते हुए दस वर्ष का कठोर कारावास सुनाया. सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयान को अदालत ने पर्याप्त और ठोस माना. इस मामले में लोक अभियोजक के रूप में धीरज कुमार सिंह ने अदालत में पक्ष को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया.