पहले भी जंगल से ऐसे विस्फोटक व हथियार हो चुके है बरामद

शनिवार को चरकापत्थर थाना क्षेत्र के बाराटांड़ पहाड़ी जंगल से बरामद विस्फोटक व पुराने हथियार काफी पूर्व नक्सलियों द्वारा छुपाकर रखे जाने की आशंका है.

बरामद विस्फोटक व हथियार नक्सलियों द्वारा पूर्व में छुपाकर रखे जाने की आशंका सोनो. शनिवार को चरकापत्थर थाना क्षेत्र के बाराटांड़ पहाड़ी जंगल से बरामद विस्फोटक व पुराने हथियार काफी पूर्व नक्सलियों द्वारा छुपाकर रखे जाने की आशंका है. दरअसल, थम्हन पंचायत के बाराटांड़ से दक्षिण जिस पहाड़ी जंगल से विस्फोटक बरामद हुआ है वह कभी अति नक्सल प्रभावित इलाका रहा था. इन जंगलों में नक्सलियों की धमक थी जहां नक्सली अपनी योजना को अंजाम देने के लिए एकत्रित होते थे या जंगल के इस रास्ते आते जाते थे. संभावना जताई जा रही है कि करीब एक दशक पूर्व जब इलाका नक्सलियों के गिरफ्त में था. तभी वे अपने हथियार व विस्फोटक चीजों को पत्थर के नीचे छिपाकर रखते थे ताकि नक्सल घटना की योजना को अंजाम दिया जा सके. जब क्षेत्र के अधिकांश बड़े नक्सली या तो मारे गये या पकड़े गये और इलाका नक्सल मुक्त हुआ तब सर्च अभियान के दौरान जंगल में ऐसे छुपाए गए विस्फोटक व हथियार समय-समय पर बरामद हुए है. शनिवार को जंगल से केन बम व हथियार बरामद होने से पूर्व 16 अक्तूबर 2025 को चरकापत्थर थाना क्षेत्र के रजौन पंचायत अंतर्गत मुंडमाला मंदिर से दक्षिण पश्चिम जंगल से एसएसबी व पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री व हथियार बरामद किया था. इसमें दो मास्केट राइफल, एक देसी कट्टा, चार कारतूस, पांच इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, तीन दर्जन से अधिक जिलेटिन छड़ व सेफ्टी फ्यूज थे. उस समय भी सामग्रियों की स्थिति देख लग रहा था कि ये वर्षों से जमीन के नीचे दबे थे जिसे नक्सलियों ने निकालकर पहाड़ों में हाल ही में छिपाया था ताकि चुनाव में इसका इस्तेमाल किया जा सके, लेकिन जवानों ने और खासकर एसएसबी के खोजी कुत्ते ने उनके मनसूबे पर पानी फेर दिया था. इससे और पूर्व 15 अप्रैल 2025 को चिहरा थाना व चरकापत्थर थाना क्षेत्र की सीमा पर करमाचातर जंगल से पुलिस व एसएसबी जवानों ने जमीन में छिपाकर रखे दो शक्तिशाली केन बम को बरामद किया था जिसे बाद में बम निरोधक दस्ते द्वारा डिफ्यूज किया गया था. नक्सलियों द्वारा पूर्व में जंगल व पहाड़ों में छुपाकर रखे गए ऐसे सामग्रियों को एसएसबी व पुलिस द्वारा संयुक्त अभियान चलाकर समय समय पर बरामद किया जाता रहा है.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

PANKAJ KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

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