-काफी पूर्व पत्थरों के नीचे जमीन में छिपाकर रखे गये थे विस्फोटक पदार्थ
-प्रशिक्षित खोजी कुत्ते की मदद से एसएसबी व चरकापत्थर पुलिस ने की कार्रवाईसोनो. चरकापत्थर थाना क्षेत्र अंतर्गत बाराटांड पहाड़ी जंगल से शनिवार को चरकापत्थर की पुलिस व एसएसबी टीम ने पत्थर के नीचे जमीन में छिपाकर रखे विस्फोटक सामग्री, हथियार व कारतूस बरामद किया है. जंग लगे हथियार व विस्फोटक सामग्रियों की स्थिति को देखकर लगता है कि इसे वर्षों पूर्व छिपाकर रखा गया होगा. मिली सामग्रियों में एक शक्तिशाली केन बम, नौ डिटोनेटर, एक थ्री नट थ्री राइफल का सिर्फ लोहे वाला भाग और उसकी मैगजीन शामिल है. राइफल के पीछे का लकड़ी वाला हिस्सा नहीं होने से इसके काफी पुराने होने की संभावना जताई जा रही है.
चरकापत्थर थानाध्यक्ष रंजीत कुमार ने बताया कि एसएसबी और चरकापत्थर पुलिस की टीम द्वारा नियमित लान्ग रेंज पेट्रोलिंग के दौरान यह सफलता हाथ लगी. दरअसल, एसएसबी के प्रशिक्षित खोजी कुत्ते ने बाराटांड़ पहाड़ी जंगल से करीब एक किलोमीटर दक्षिण पहाड़ व जंगल के बीच एक संदिग्ध जगह को चिह्नित किया. डॉग जिस जगह को चिह्नित किया, वहां जब जवानों व पुलिस द्वारा गहन तलाशी ली गयी तब वहां पत्थरों के नीचे जमीन से विस्फोटक सामग्री और हथियार बरामद हुआ. उन्होंने बताया कि बरामद केन बम शक्तिशाली है जिसे वर्षों पूर्व किसी बड़ी घटना को अंजाम देने में इस्तेमाल किया जा सकता था. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जमुई बीएमपी स्थित बम निरोधक दस्ते को सूचना दी गयी है जो मौके पर पहुंचकर बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करेगा. प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि बरामद विस्फोटक और हथियार काफी समय से जंगल में छिपाकर रखे गये थे. हालांकि, इन्हें किसने और किस मकसद से यहां रखा इसका खुलासा अभी नहीं हो सका है, लेकिन यह सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि कभी अति नक्सल प्रभावित रहे इस क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा ही इसे छुपाकर रखा गया होगा. इससे पूर्व भी नक्सलियों द्वारा जंगल व पहाड़ में छुपाकर रखे गये विस्फोटक पदार्थों व हथियार को पुलिस ने बरामद किया था. बहरहाल, पुलिस सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच प्रारंभ की है. साथ ही संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी गयी है. घटना के बाद पूरे इलाके में सर्च आपरेशन तेज कर दिया गया है ताकि कहीं अन्य जगहों पर भी छिपाया गया कोई विस्फोटक सामग्री हो तो उसे बरामद किया जा सके.