'हर घर तिरंगा' अभियान और 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर जमुई जिले के चकाई (सरौन) में देशभक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला. सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों ने स्थानीय छात्र-छात्राओं के साथ मिलकर भव्य तिरंगा यात्रा निकाली. पंचमुखी चौक स्थित एजुकेशन जोन के विद्यार्थियों के साथ जवानों ने न केवल तिरंगा लहराया, बल्कि बच्चों को देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय ध्वज के गौरवशाली इतिहास से भी रूबरू कराया.
भारत माता के जयकारों से गूंज उठा पंचमुखी चौक
तिरंगा यात्रा के दौरान विद्यार्थियों और अर्धसैनिक बल के जवानों का उत्साह देखते ही बन रहा था:
- गगनभेदी नारे: हाथों में तिरंगा थामे जवानों और छात्र-छात्राओं ने 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम्' के नारों के साथ पूरे क्षेत्र को राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग दिया.
- कर्तव्यों की दी सीख: सीआरपीएफ के जवानों ने बच्चों से संवाद करते हुए राष्ट्रीय ध्वज के नियमों, उसके महत्व और एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में देश के प्रति कर्तव्यों की जानकारी दी.
तिरंगा हमारे गौरव और बलिदान का प्रतीक: डॉ. जेपी वर्मा
कार्यक्रम के दौरान एजुकेशन जोन के निदेशक डॉ. जेपी वर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा:
"तिरंगा केवल हमारे देश की पहचान नहीं है, बल्कि यह हमारे स्वाभिमान, अटूट एकता और अनगिनत बलिदानों का प्रतीक है. युवा पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम और देश के प्रति जिम्मेदारी का भाव जगाना हम सभी का परम कर्तव्य है. सीआरपीएफ के जांबाज जवानों के साथ इस अभियान में शामिल होना विद्यार्थियों के लिए जीवनभर का प्रेरणादायी अनुभव है."
शिक्षिकाएं, जवान और सैकड़ों विद्यार्थी रहे मौजूद
तिरंगा यात्रा और स्वतंत्रता दिवस उत्सव के दौरान पूरा परिसर देशभक्तिमय नजर आया. इस अवसर पर शिक्षिका जीनल गुप्ता, एजुकेशन जोन के शिक्षक, सीआरपीएफ के कई जवान और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.
