कोरम के अभाव में बैठक स्थगित, प्रमुख उर्मिला देवी की कुर्सी बरकरार
प्रखंड प्रमुख उर्मिला देवी के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पर्याप्त संख्या बल नहीं जुटा पाने के कारण गुरुवार को खारिज हो गया.
By PANKAJ KUMAR SINGH | Updated at :
चकाई . प्रखंड प्रमुख उर्मिला देवी के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पर्याप्त संख्या बल नहीं जुटा पाने के कारण गुरुवार को खारिज हो गया. कोरम पूरा नहीं होने की स्थिति में बैठक स्थगित कर दी गयी, जिससे प्रमुख की कुर्सी बरकरार रही. जानकारी के अनुसार, कुल 28 पंचायत समिति सदस्यों में से 14 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर बैठक बुलाने की मांग की थी. इसके तहत प्रखंड प्रशासन द्वारा गुरुवार को बैठक की तिथि निर्धारित की गयी थी. निर्धारित समय पर किसान भवन में पर्यवेक्षक सह एडीएम रविकांत सिन्हा और बीडीओ मनीष आनंद अपने कर्मियों के साथ पहुंचे और सदस्यों के आने का इंतजार करते रहे. लेकिन दोपहर एक बजे तक अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वाले 14 सदस्यों में से मात्र 7 सदस्य ही बैठक में उपस्थित हुए.
दो-तिहाई सदस्य नहीं हुए उपस्थित
बीडीओ मनीष आनंद ने बताया कि पंचायती राज अधिनियम के तहत अविश्वास प्रस्ताव के लिए दो-तिहाई सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य होती है. पर्याप्त संख्या में सदस्य नहीं पहुंचने के कारण कोरम पूरा नहीं हो सका और बैठक को स्थगित कर दिया गया. इसके साथ ही अविश्वास प्रस्ताव स्वतः खारिज माना गया.
प्रमुख खेमे में खुशी, विरोधी खेमे में मायूसी
अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद प्रमुख उर्मिला देवी का पद सुरक्षित हो गया. इस फैसले के बाद जहां प्रमुख समर्थकों में खुशी का माहौल देखा गया, वहीं विरोधी खेमे में सन्नाटा छा गया. बैठक के दौरान सदन में प्रमुख उर्मिला देवी, उपप्रमुख धान्ति देवी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे. अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले खेमे की ओर से रिंकू कुमारी पासवान के नेतृत्व में सात सदस्य ही पहुंचे थे.
दोबारा बैठक बुलाने की मांग
इधर, विरोधी खेमे के सदस्यों ने पंचायती राज अधिनियम का हवाला देते हुए पुनः बीडीओ को आवेदन देकर अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए नई बैठक बुलाने की मांग की है. हालांकि मौके पर मौजूद पर्यवेक्षक ने उनकी मांग को मानने से इंकार कर दिया. बीडीओ ने बताया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ वीडियो रिकॉर्डिंग में करायी गयी. निर्धारित समय तक पर्याप्त संख्या में सदस्य नहीं पहुंचने के कारण बैठक असफल रही और अविश्वास प्रस्ताव खारिज कर दिया.