झाझा (जमुई). झाझा थाना क्षेत्र के कठबजरा गांव में सोमवार को मकान बनाने के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई. देखते ही देखते पूरा गांव रणक्षेत्र में तब्दील हो गया और दोनों ओर से लाठी-डंडे, फरसा व पत्थरों का खुलकर प्रयोग किया गया. इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के कुल 13 लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए झाझा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया.
दो की हालत गंभीर, सदर अस्पताल रेफर
हादसे में घायल पहले पक्ष के लोगों की पहचान कौशल यादव, मिंटू कुमार यादव, सुनील यादव, रमन यादव, अजोधी यादव और चिनमा देवी के रूप में हुई है. वहीं दूसरे पक्ष से श्रवण कुमार, लाली देवी, सुखलेश यादव, देवघर यादव, शंभू यादव, सतीश कुमार और बेबी देवी घायल हुए हैं. घायलों में मिंटू और सुनील की स्थिति अत्यंत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल जमुई रेफर कर दिया है.
जमीन बंटवारे और कब्जे को लेकर दोनों पक्षों के अलग दावे
घटना को लेकर पहले पक्ष के कौशल यादव ने बताया कि मिंटू की पत्नी के निधन के कारण परिवार शोक में था. इसी बीच देवघर यादव मकान बनाने लगे, जिसका विरोध करते हुए उन्होंने पहले जमीन बंटवारा करने की बात कही. इसी बात पर दूसरे पक्ष ने धारदार हथियारों से उन पर हमला कर दिया. दूसरी ओर, दूसरे पक्ष के सुखलेश यादव का आरोप है कि वे अपनी ही जमीन पर मकान बनवा रहे थे, जिस पर पहला पक्ष जबरन कब्जा करना चाहता है. उनके मुताबिक, विरोध करने पर मिंटू और उनके परिजनों ने लाठी-डंडों से हमला कर घर के सदस्यों को लहुलुहान कर दिया.
पुलिस जांच में जुटी, आवेदन का इंतजार
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की छानबीन कर रही है. झाझा थानाध्यक्ष लाल बहादुर सिंह ने बताया कि कठबजरा गांव में मारपीट की सूचना मिली है. हालांकि, अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि आवेदन मिलते ही प्राथमिकी दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
