जमुई से राहुल सिंह की रिपोर्ट : जमुई जिले में इस्लाम धर्म का प्रमुख पर्व ईद अल-अज़हा यानी बकरीद 28 मई गुरुवार को मनाई जाएगी. बकरीद को लेकर जिलेभर में उत्साह का माहौल है और लोग तैयारियों में जुट गए हैं. शनिवार को जिलहिज्जा महीने का चांद देखने की कोशिश की गई, लेकिन देश के किसी भी हिस्से से चांद नजर नहीं आने के बाद 28 मई को बकरीद मनाने की घोषणा की गई.
तीन दिनों तक दी जाएगी कुर्बानी
शहर के महिसौड़ी मोहल्ला स्थित मदरसा अशरफिया के मौलाना फारूक अशरफी ने बताया कि ईद अल-अज़हा पर कुर्बानी का विशेष महत्व होता है. इस बार 28 मई से 30 मई तक लगातार तीन दिनों तक कुर्बानी दी जाएगी. ईद की नमाज के बाद से ही कुर्बानी की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.
गरीब और जरूरतमंदों का रखा जाता है ख्याल
मौलाना फारूक अशरफी ने बताया कि इस्लाम में कुर्बानी के मांस को तीन हिस्सों में बांटने की परंपरा है. एक हिस्सा गरीब और जरूरतमंदों को दिया जाता है, दूसरा रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए रखा जाता है, जबकि तीसरा हिस्सा अपने परिवार के उपयोग में लाया जाता है. इसे आपसी भाईचारे और जरूरतमंदों की मदद का प्रतीक माना जाता है.अमन और साफ-सफाई बनाए रखने की अपील
धार्मिक नेताओं ने लोगों से अपील की है कि बकरीद का पर्व अमन, भाईचारे और सादगी के साथ मनाएं. साथ ही कुर्बानी के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है. पर्व को लेकर बाजारों में बकरों और अन्य सामानों की खरीदारी तेज हो गई है.
