सोनो : बीते एक पखवारे में सोनो क्षेत्र में वज्रपात की चपेट में आने से महिला व बच्चे सहित सात लोगों की मौत से चिंतित अंचलाधिकारी अनिल कुमार चौबे ने कहा कि ऐसे प्राकृतिक आपदा से बचाव बेहद जरूरी है.
विदित हो कि बीते सोमवार की दोपहर में बारिश के बीच हुए वज्रपात की चपेट में आने से जहां सोनो पंचायत में दो वर्षीय बालक व 11 वर्षीय किशोर की मौत हो गयी वहीं सोनो-खैरा सीमा पर स्थित सोनेल गांव में एक 17 वर्षीय लड़के की मौत भी उसी समय वज्रपात से हो गयी थी. इससे पूर्व 21 जून को प्रखंड के दो अलग अलग जगहों पर एक महिला सहित दो लोगों की जान वज्रपात से हो गयी थी और उसके चार दिन बाद ही 26 जून को पुनः वज्रपात से दो अलग अलग जगहों पर दो व्यक्ति व मवेशियों की मौत वज्रपात से हो गयी थी.
इस तरह एक पखवारे में वज्रपात से सात लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी. गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि पहले कभी भी बारिश के दौरान इतनी वज्रपात की घटना नहीं हुई थी. अंचलाधिकारी कहते है कि कुछ सावधानियां बरत कर वज्रपात की चपेट में आने से बचा जा सकता है.
बारिश में बरतें ये सावधानियां
बारिश के समय जब बादल गरज रहे हो तो घर से बाहर न निकलें.
लोहे की डंडी वाले छाते से परहेज करें.
ऊंचे पेड़ के नीचे न रुकें.
मोबाइल का स्विच ऑफ कर लें.
अगर आप खेत या खुली जगह पर हों तो उकड़ू होकर बैठ जाये.
अगर कोई वज्रपात की चपेट में आ जाए तो उसे चिकित्सीय सुविधा प्रदान करें.
