बिहार निर्वाचन आयोग ने 24 घंटे के अंदर पोस्टर-बैनर हटाने के दिए निर्देश, आचार संहिता उल्लंघन पर 100 मिनट में होगी कार्रवाई

लोकसभा चुनाव की घोषणा होते ही बिहार निर्वाचन आयोग भी सक्रिय हो गया है. आयोग के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एचआर श्रीनिवास ने 24 घंटे में सरकारी व 48 घंटे में सार्वजनिक स्थलों से पोस्टर-बैनर हटाने का निर्देश दिया है.

लोकसभा चुनाव 2024 की घोषणा होते ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गया है. बिहार में इस बार भी सात चरणों में चुनाव होगा. प्रथम चरण की वोटिंग 19 अप्रैल को और चार जून को चुनाव का परिणाम आएगा. चुनाव की तिथियों का ऐलान होते ही बिहार निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एचआर श्रीनिवास ने तैयारियों को लेकर जानकारी दी है. उन्होंने विभिन्न दलों के लगे पोस्टर-बैनर हटाने को लेकर भी निर्देश दिए.

पोस्टर-बैनर हटाने का निर्देश

एचआर श्रीनिवास ने बताया कि आदर्श आचार संहिता के पालन के तहत राज्य के सभी 40 लोकसभा क्षेत्रों में 24 घंटे में सरकारी भवनों पर लगाये गये चुनाव संबंधी पोस्टर-बैनर को हटा लिया जायेगा. साथ ही राजनीतिक दलों और नेताओं के पोस्टर बैनर भी हटाये जायेंगे. उन्होंने बताया कि अगले 48 घंटों के अंदर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, हाट-बाजार, मॉल, पेट्रोल पंप जैसे सार्वजनिक स्थलों से राजनीतिक दलों और नेताओं का पोस्टर बैनर भी हटा दिया जायेगा. इसी प्रकार से 72 घंटों के अंदर निजी मकान, दुकानों से राजनीतिक पोस्टर और बैनर हटा लिया जायेगा.

आचार संहिता उल्लंघन पर 100 मिनट में कार्रवाई

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि आदर्श आचार संहिता के पालन को लेकर अब किसी भी प्राइवेट मकान और दुकान पर पोस्टर-बैनर लगाने के लिए अनुमति लेनी आवश्यक होगी. अब लोकसभा चुनाव के दौरान कहीं पर भी आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन होता है तो शिकायत करने के 100 मिनट के अंदर कार्रवाई की जायेगी. इसके लिए हर विधानसभा क्षेत्र में फ्लाइंग स्क्वायर्ड की टीम तैनात की गयी है.

हटाए जा रहे पोस्टर-बैनर

77392 बूथ स्थापित किये गये

एचआर श्रीनिवास ने बताया कि राज्य में मतदान को लेकर कुल 77392 बूथ स्थापित किये गये हैं जिसमें शहरी क्षेत्र में 11162 बूथ और ग्रामीण क्षेत्र में 666949 बूथ स्थापित किये गये हैं. भारत निर्वाचन आयोग के गाइड लाइन के अनुसार 1500 मतदाताओं के वोटिंग के लिए एक बूथ स्थापित किया जाना है. राज्य में 447 बूथ ऐसे हैं जहां पर मतदाताओं की संख्या 1500 से अधिक है जबकि राज्य में 12 बूथ ऐसे हैं जहां पर मतदाताओं की संख्या 1600 से अधिक है. ऐसे बूथों पर अतिरिक्त बूथ स्थापित किया जायेगा.

35 बूथों को अधिक चुनावी खर्च के रूप में किया गए चिह्नित

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि हर लोकसभा क्षेत्र में एक-एक बूथ दिव्यांग मतदाताओं द्वारा जबकि हर जिला में दो-दो बूथों पर युवा मतदाता कमान संभालेंगे. इसके अलावा राज्य के हर विधानसभा में एक बूथ महिलाओं द्वारा मैनेज किया जायेगा. राज्य के 18 लोकसभा क्षेत्रों के 35 बूथों को अधिक चुनावी खर्च के रूप में चिह्नित किया गया है

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लेखक के बारे में

By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

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