योजनाओं में अनियमितता से नाराज पंचायत समिति सदस्यों ने दी आत्मदाह की चेतावनी

महनार प्रखंड में पंद्रहवीं वित्त आयोग एवं षष्ठम वित्त आयोग की राशि से संचालित योजनाओं में अनियमितता और भ्रष्टाचार को लेकर पंचायत समिति के सदस्यों ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है

महनार. महनार प्रखंड में पंद्रहवीं वित्त आयोग एवं षष्ठम वित्त आयोग की राशि से संचालित योजनाओं में अनियमितता और भ्रष्टाचार को लेकर पंचायत समिति के सदस्यों ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. समिति की सदस्य सविता देवी, कल्याणी देवी, किरण कुमारी एवं सुनील कुमार सिंह ने डीएम को आवेदन देकर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर आगामी छह अगस्त को महनार अनुमंडल कार्यालय परिसर में आत्मदाह करने की चेतावनी दी है. दिये गये आवेदन में सदस्यों ने आरोप लगाया है कि पंचायत समिति के माध्यम से जो योजनाएं संचालित की जा रही हैं, उनमें तकनीकी मानकों और सरकारी दिशा-निर्देशों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है. सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण खुले स्थानों या सार्वजनिक उपयोग के लिए न कर, लोगों के घरों के अंदर कर दिया गया है, जिससे उसकी मूल उपयोगिता समाप्त हो गयी है. सीढ़ी घाट निर्माण कार्य में न तो पाइलिंग की गई है, न ही बीम डाला गया है, जिससे संरचना कमजोर और अस्थायी बन गयी है. स्लैब की ढलाई में रॉड को मनमाने ढंग से बांधा गया है, जिससे बनने के साथ ही टूटना शुरू हो गया है. नालों के जीर्णोद्धार में नयी ईंटों की जगह पुरानी और जर्जर ईंटों का इस्तेमाल किया गया है. ढक्कनों में महज दो इंच की मोटाई दी गयी है और रॉड के बीच अधिक फासला रखा गया है, जिससे वजन सहन नहीं कर पा रहा हैं और टूट रहा हैं. इसी प्रकार पीसीसी सड़क निर्माण में निर्धारित छह इंच की बजाय महज तीन इंच की ढलाई की गयी है, जिसके चलते हालिया बनी सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं. सदस्यों ने बताया कि 17 जुलाई को एसडीओ, बीडीओ तथा प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी को पत्र लिखकर इन सभी योजनाओं की भौतिक जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गयी थी. इसके बावजूद कोई भी योजना की जांच नहीं की गयी. इसके विपरीत संबंधित योजनाओं की राशि का भुगतान बिना सत्यापन के ही कर दिया गया. आवेदन में बीडीओ और बीपीआरओ पर गंभीर अनियमितताओं में संलिप्त रहने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है. सदस्यों ने कहा है कि वर्षों से जनता के हित में चलाई जा रही योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही हैं और प्रशासन मौन बना हुआ है. अगर समय रहते इन सभी योजनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को दंडित नहीं किया गया, तो वे विवश होकर आत्मदाह जैसा कठोर कदम उठाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी.

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By Shashi Kant Kumar

Shashi Kant Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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