hajipur news. पाक से तनाव के बीच जम्मू-कश्मीर में सेवा दे रहे लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन
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शौर्य, वीरता, पराक्रम, अदम्य साहस और बलिदान की प्रतीक भारतीय सेना के वीर जवान इस वक्त देश की सीमा पर निरंतर दुश्मनों के एक-एक वार को बहादुरी से नाकाम कर रहे हैं, इनमें से एक भारतीय हैं थल सेना में सेवा दे रहे महनार के बघनोचा गांव निवासी लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर
महनार. शौर्य, वीरता, पराक्रम, अदम्य साहस और बलिदान की प्रतीक भारतीय सेना के वीर जवान इस वक्त देश की सीमा पर निरंतर दुश्मनों के एक-एक वार को बहादुरी से नाकाम कर रहे हैं. इनमें से एक भारतीय थल सेना में अपनी सेवा दे रहे महनार प्रखंड अंतर्गत बघनोचा गांव निवासी लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर हैं, जो वर्तमान में जम्मू कश्मीर में पदस्थापित हैं. उनके परिवार के लिए यह विपरीत घड़ी है, लेकिन इस घड़ी में भी उनका परिवार सबके समक्ष अतुलनीय उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है.
आठ मई को उनकी सुपुत्री डा. निष्ठा ठाकुर का जन्मदिन था. पिता की अनुपस्थिति में उसने जन्मदिन मनाकर पिता को तनाव की स्थिति से कुछ समय के लिए ध्यान हटाया और उन्हें संबल प्रदान किया. उनके चेहरे की मुस्कुराहट यह बयान करती है कि केवल वीर जवानों को ही मुश्किल समय में हौसला बनाए रखने का प्रशिक्षण नहीं दिया जाता, बल्कि उनका परिवार भी उनके साथ इतना मजबूत हो जाता है कि हर परिस्थिति में साहस एवं पराक्रम का प्रदर्शन करता है.
निष्ठा आर्मी ऑफिसर की बेटी होने पर गौरवान्वित महसूस करती हैं. वास्तव में भारतीय सेना का जीवन ही किसी जंग से कम नहीं, परंतु उनसे भी महत्वपूर्ण भूमिका है, उनके परिवार की. इस क्षण लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन का परिवार भी उनके कंधे से कंधा मिलाकर चल रहा. उनकी ताकत बनकर उन्हें देश की सेवा करने के लिए प्रेरित कर रहा है. इनका यही साथ कर्नल ठाकुर को एक सकारात्मक ऊर्जा प्रदान कर रही है, जिससे उन्हें दुश्मनों से लड़ने में मदद मिल रही है
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