hajipur news. देश की एकता व अखंडता बनाये रखने के लिए इंदिरा गांधी ने किये कई साहसिक काम

जमुनी लाल महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना तत्वावधान में बुधवार को राष्ट्रीय अखंडता दिवस पर कार्यक्रम हुआ

हाजीपुर. शहर के जमुनी लाल महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना तत्वावधान में बुधवार को राष्ट्रीय अखंडता दिवस पर कार्यक्रम हुआ. इसकी अध्यक्षता प्राचार्य डॉ वीरेंद्र कुमार एवं संचालन डॉ छोटेलाल गुप्ता ने की. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन से हुआ. इस दौरान आयरन लेडी भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रति मूर्ति पर माल्यार्पण किया गया. राष्ट्रीय अखंडता दिवस की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए एनएसएस के अधिकारी डॉ छोटेलाल गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रीय अखंडता दिवस इंदिरा गांधी की जयंती 19 नवंबर के दिन प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है. यह दिवस मनाने का खास वजह यह है कि हमारे देश के अलग-अलग धर्म, भाषाएं ,संस्कृतियों, परंपराएं और वेश भाषाएं है, फिर भी हम भारतीयता के अटूट धागे में बंधे है. इसी भावना को मजबूत करने और देश में एकता भाईचारे तथा सामूहिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय अखंडता दिवस मनाया जाता है. मुख्य वक्ता के रूप में भूगोल विभाग के डॉ निहाल अहमद ने कहा कि राष्ट्रीय अखंडता दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य यही है कि हम राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानें और व्यक्तिगत भेदभाव से ऊपर उठकर एक दूसरे के प्रति सम्मान सहयोग और विश्वास बनाए रखें. मुख्य वक्ता के रूप में राजनीतिक विज्ञान के अध्यक्ष डॉ रजनीश कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय अखंडता दिवस इंदिरा गांधी के जन्मदिन पर मनाने का मुख्य कारण यह है कि इंदिरा गांधी ने अपने देश की एकता और अखंडता बनाए रखने में कई ऐसे साहसिक निर्णय लिए और कई ऐसे साहसिक कार्य किए जो एक आदर्श के रूप में प्रतिस्थापित है. चाहे वह परमाणु संपन्न देश बनाना हो या 1971 ईस्वी में बांग्लादेश को एक नए राष्ट्र के रूप में निर्माण करना हो या हरित क्रांति का मसाल जलाकर आम जनता को भूख से मुक्ति दिलाने का काम हो, सभी कार्यों में उन्होंने अपनी अग्रणी भूमिका निभाई. अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ वीरेंद्र कुमार ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि हमारा देश भारत आज कई समस्याओं से गुजर रहा है जिसमें कुछ आंतरिक भी है और कुछ बाहरी भी है. सीमा पर हमारे सैनिक डटे हुए हैं और देश की सुरक्षा मजबूती से कर रहे है. आंतरिक रूप से हम जाति, धर्म के बंधन से ऊपर उठकर आपसी प्रेम भाईचारे के साथ रहें, जिससे कि हमारा देश सुरक्षित रहे. आज हमारा खूबसूरत संविधान भी बधाई के पात्र है कि उसके कारण हम 140 करोड़ भारतीय एकता के सूत्र में बंधे हैं और देश की प्रगति में अपना अहम योगदान दे रहे है. मौके पर डॉ प्रीति कुमारी, डॉ स्मृति सौरभ, डॉ रजनीश कुमार, डॉ दीपशिखा चौधरी, डॉ वंदना सिंह, डॉ वैभव, डॉ कंचन कुमारी, डॉ अनामिका, डॉ निधि रस्तोगी, डॉ श्वेता,डॉ सुनील, डॉ अभिषेक कुमार, मोनू कुमार आदि एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों में शंभू कुमार, राजीव कुमार, शहजाद अहमद समेत एनएसएस और एनसीसी के बच्चों ने भी बढ़ चढ़कर भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया.

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By Shashi Kant Kumar

Shashi Kant Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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