महनार. नगर परिषद महनार के सभापति रमेश कुमार राय के विरुद्ध अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति एक्ट के तहत महनार थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद स्थानीय राजनीति गरमा गयी है. यह प्राथमिकी नगर के वार्ड संख्या 2 खरजम्मा निवासी सोनेलाल चौधरी के पुत्र राजीव चौधरी के आवेदन पर दर्ज की गयी है. प्राथमिकी में राजीव चौधरी ने आरोप लगाया है कि सभापति रमेश कुमार राय उनके दरवाजे पर चढ़कर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज करते हैं तथा जान से मारने की धमकी देते है. पीड़ित ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण को लेकर पूर्व में सरकारी अमीन एवं अन्य कर्मियों द्वारा नापी की गई थी, जिसमें 18 फुट जमीन सड़क के लिए छोड़ने को कहा गया था. इसके बाद उन्होंने अपना घर और दुकान हटाकर जमीन खाली कर दी तथा बिजली पोल भी लगवा दिया गया. बावजूद इसके सभापति द्वारा लगातार दबाव बनाने और धमकी देने का आरोप लगाया गया है. पुलिस ने शुरू की जांच : महनार थानाध्यक्ष वेदानंद सिंह ने बताया कि प्राप्त आवेदन के आधार पर एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है तथा जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी. विकास कार्य बाधित करने की साजिश : वहीं दूसरी ओर नगर परिषद सभापति रमेश कुमार राय ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए इसे साजिश करार दिया है. उन्होंने कहा कि दो मई को महनार एसडीओ, सीओ एवं नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को पत्र लिखकर सड़क की अतिक्रमित भूमि खाली कराने की मांग की गयी थी. उन्होंने बताया कि आरसीडी द्वारा अंबेडकर चौक से मुरौवतपुर होते हुए शुक्र हाट तक बाईपास सड़क निर्माण कार्य कराया जा रहा है. इस दौरान संबंधित लोगों द्वारा सड़क भूमि पर अतिक्रमण किए जाने की शिकायत प्रशासन को दी गई थी. झूठे मुकदमे में फंसाने की दी गयी थी धमकी : सभापति ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण एजेंसी द्वारा अतिक्रमण हटाने की बात कहे जाने पर संबंधित लोगों ने हरिजन एक्ट सहित अन्य धाराओं में झूठा मुकदमा करने की धमकी दी थी. उन्होंने यह भी कहा कि वार्ड सदस्य मंजू देवी ने 23 मार्च को सड़क अतिक्रमण को लेकर एसडीओ को आवेदन दिया था, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. सभापति रमेश कुमार राय ने कहा कि सड़क निर्माण और विकास कार्यों को प्रभावित करने के उद्देश्य से उनके विरुद्ध साजिश के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है.
महनार नगर परिषद के सभापति पर एससी-एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज
पीड़ित ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण को लेकर पूर्व में सरकारी अमीन एवं अन्य कर्मियों द्वारा नापी की गई थी.
