ट्रक और बाइक की टक्कर बड़े भाई की मौत दूसरा जख्मी, मचा कोहराम

हाजीपुर -जंदाहा मुख्य मार्ग के अंधराबड़ चौक के समीप बुधवार की की रात ट्रक और बाइक की टक्कर में बाइक सवार बड़े भाई की मौत हो गयी.

सहदेई बुजुर्ग. हाजीपुर -जंदाहा मुख्य मार्ग के अंधराबड़ चौक के समीप बुधवार की की रात ट्रक और बाइक की टक्कर में बाइक सवार बड़े भाई की मौत हो गयी, जबकि छोटा भाई गंभीर रूप से जख्मी हो गया. घटना के बाद आसपास के लोग जुट गए, लोगों ने घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी. सूचना पाकर पहुंची सहदेई थाने की पुलिस मौके पर पहुंच कर मामले की छानबीन में जुट गयी. मृतक सुरेश सहनी सहदेई बुजुर्ग थाना क्षेत्र के पहाड़पुर तोई निवासी सिंगेश्वर सहनी का पुत्र था. इस संबंध में मृतक के परिजनों ने बताया कि सुरेश सहनी और अशेश्वर सहनी दोनों चचेरे भाई थे. बगल के गांव में ही एक शादी थी. जहां दोनों भाई दूल्हे की गाड़ी सजवाने गये थे. गाड़ी सजवाने के बाद दोनों भाई बाइक से घर लौैट रहे थे. इसी दौरान अंधराबड़ चौक के समीप एक तेज रफ्तार से आ रहे ट्रक और बाइक की जोरदार टक्कर में बाइक सवार दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गये. घायलों को स्थानीय लोगो की मदद से इलाज के लिए सहदेई स्वास्थ्य केंद्र लाया गया. जहां दोनों की हालत गंभीर देख प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया. जहां सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी में तैनात डॉक्टरों ने सुरेश सहनी को मृत घोषित कर दिया, जबकि अशेश्वर सहनी की हालत गंभीर देख प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया. इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए आक्रोशित लोगों ने किया सड़क जाम सड़क हादसे में सुरशे सहनी के मौत के बाद आक्रोशित लोगो ने में इलाज में लापरवाही का आरोपों लगाते हुए मृतक के परिजन व आक्रोशित लोगो ने हाजीपुर-जंदाहा एनएच 322 को अंधराबड़ चौक पर सड़क जाम कर जब कर हंगामा शुरू कर दिया. इधर सड़क जाम की सूचना मिलते ही सहदेई थाना अध्यक्ष गौतम कुमार दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच कर आक्रोशित लोगो को समझाने-बुझाने में जुट गये. परिजनों ने आरोप लगाया कि घायलों को एक पिकअप से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे.अस्पताल पहुंचने के लगभग बीस मिनट तक परिजन स्वास्थ्य कर्मियों से जख्मी को उतारने के लिए बोलते रहे, लेकिन कोई भी स्वास्थ्य कर्मी जख्मी को उतारने नही आया. बाद में जब जख्मी का पुत्र अस्पताल पहुंचा तो उसने स्वयं स्ट्रेचर लेकर आया औरसभी सभी ने मिलकर घायलों को गाड़ी से उतारा . जिसके बाद अस्पताल में प्राथमिक चिकित्सा की गयी. दोनों की हालत गंभीर देख सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया. यदि समय पर इलाज होता तो शायद सुरेश की जान बच जाती थी. लगभग बीस मिनट तक जख्मी हालत में तड़पते रहे और सभी स्वास्थ्यकर्मी खड़ा रहकर तमाशा देखते रहे. लगभग एक घंटे के काफी मशक्कत एवं उचित कार्रवाई के आश्वासन के लोगों को शांत हुए जिसके बाद हाजीपुर-जंदाहा एनएच पर वाहनों का परिचालन शुरू हो सका. मृतक की पत्नी की बीस दिन पहले हुई थी मौत सदर अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम के बाद शव को मृतक के परिजनों को को सौंप दिया गया. जैसे ही मृतक का शव घर पहुुंचा घर पर कोहराम मच गया. मृतक के परिजनों ने बताया कि सुरेश सहनी की पत्नी की बीस दिन पहले ही मौत हुई थी. मृतक अपने पीछे दो पुत्र एवं एक पुत्री को छोड़ कर चला गया. क्या कहते हैं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने कहा कि जो भी आरोप लगाये जा रहे हैं वह सभी बेबुनियाद हैं. अस्पताल में अटेंडेंट कर्मचारी नहीं है. साथ ही स्वास्थ्यकर्मियों की भी भारी कमी है. इससे व्यवस्था संचालन में कठिनाई होती है. जिस वक्त घायल मरीज अस्पताल पहुंचा, उस वक्त वह अस्पताल में उपस्थित थे. स्वयं ही उसका इलाज किया था. उन्होंने देरी के आरोप को भी गलत बताया. उन्होंने कहा कि जैसे ही मरीज अस्पताल पहुंचा उसकी चिकित्सा शुरू कर दी गयी थी.

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By AMLESH PRASAD

AMLESH PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

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