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गोपालगंज : छह दिनों से आंगनबाड़ी को बचाने में लगा रहा विभाग, अब हाइस्कूल पर भी कटाव का खतरा

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
कटाव स्थल
कटाव स्थल
प्रभात खबर

गोपालगंज : कुचायकोट प्रखंड के अहिरौलीदान- विशुनपुर बांध पर गंडक नदी के कटाव को रोकने के लिए जल संसाधन विभाग से भले ही दावा किया जा रहा, लेकिन स्थिति विपरीत है. पिछले छह दिनों से विशंभरपुर आंगनबाड़ी केंद्र को बचाने में विभाग पूरी ताकत के साथ जंग लड़ रहा. नदी अपने आगोश में लेने पर तुली है. छह दिनों में भवन को बचाने में विभाग का लाखों रुपये का बचाव कार्य पलक झपकते ही नदी में समा जा रहा.

तस्वीरों बता रही कि पिछले 24 घंटे में कैसे नदी भवन के पास पहुंच चुकी है. जिस रफ्तार से कटाव हो रहा उससे अब विशंभरपुर हाइस्कूल के भवन को भी खतरा दिख रहा. अहिरौलीदान- विशुनपुर बांध को बचाने के नाम पर पिछले 11 दिनों में 1.5 करोड़ से अधिक की राशि पानी में बहाया जा चुका है. जानकार बताते है कि आंगनबाड़ी पर कटाव 23 अगस्त से शुरू हो गया. नदी जब कटाव करते केंद्र के करीब पहुंची तो 26 अगस्त से यहां बचाव कार्य शुरू किया गया.

बाढ़ एक्सपर्ट अधीक्षण अभियंता रविशंकर ठाकुर, कार्यपालक अभियंता महेश्वर शर्मा,सहायक अभियंता अजय किशोर शर्मा,कनीय अभियंता विभाष कुमार गुप्ता, सरोज कुमार ,म मजीद की टीम ने हो रहे कटाव व युद्ध स्तर पर चल रहे बचाव कार्य में जुटे है. जबकि, सदर प्रखंड के पतहरा में भी बुधवार को नदी का कटाव शुरू हो गया. पतहरा में बांध पर कराये गये बचाव कार्य नदी में समा जाने से अफरा-तफरी मच गयी. बांध पर तैनात अभियंताओं ने मोर्चा संभाल लिया और बचाव कार्य भी शुरू कर दी गयी. कार्यपालक अभियंता नवल किशोर सिंह की टीम लंच किये गये वर्क को रिस्टोर कराने में जुटे रहे.

मेटेरियल की कमी से कटाव रोकने में विभाग लाचार : विशंभरपुर में कटाव नहीं थमने के पीछे ग्रामीणों का आरोप है कि बांध को कटाव से बचाने के लिए युद्ध स्तर पर काम कराने की जरूरत थी. विभाग के पास मैटेरियल की काफी कमी होने के कारण बचाव कार्य कराने में विभाग लाचार बना रहा. ग्रामीणों ने इसे लिए प्रशासन के अधिकारियों से लेकर विभाग तक से अपील किया.

ग्रामीणों के शिकायत पर अभियंताओं ने स्पष्ट कर दिया कि बांध पूरी तरह सुरक्षित है. अब बचाव कार्य आंगनबाड़ी व सामुदायिक भवन को बचाने के लिए किया जायेगा. यहां बचाव कार्य सुस्ती से कराने के कारण भवन को बचाना मुश्किल हो गया है. एजेंसिया सुचारू रूप से कार्य नहीं कर रही है. कटाव नहीं रूका तो उग्र आंदोलन किया जायेगा.

posted by ashish jha

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