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Bihar Flood 2020: गोपालगंज-बेतिया महासेतु का एप्रोच पथ पानी में बहा, चार साल पहले बने पुल पर परिचालन हुआ ठप

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
गोपालगंज-बेतिया महासेतु का एप्रोच पथ
गोपालगंज-बेतिया महासेतु का एप्रोच पथ
Prabhat Khabar

गोपालगंज: वाल्मीकिनगर बराज से गंडक नदी में 4.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से निचले इलाकों में परेशानी बढ़ गयी है. गुरुवार की सुबह गोपालगंज-बेतिया महासेतु के आगे एप्रोच पथ ध्वस्त हो गया. माइनर ब्रिज के पास दोनों तरफ करीब 20-20 मीटर तक एप्रोच पथ पानी के तेज धार में बह गया, जिससे गोपालगंज-बेतिया पथ पर परिचालन ठप हो गया है. इधर, पथ निर्माण मंत्री ने कहा कि महासेतु सुरक्षित है.

सारण तटबंध पर पानी का दबाव बढ़ने से रिंग बांध टूटा

वहीं, गुरुवार की सुबह महासेतु के पास गंडक की धार को रोकने के लिए बनाया गया गाइड बांध भी 30 मीटर तक टूट गया. इधर, गुरुवार की शाम बरौली प्रखंड के देवापुर में रिंग बांध टूट गया. इससे सारण तटबंध पर पानी का दबाव बढ़ गया है. सुबह से ही रिंग बांध में रिसाव हो रहा था़. बाढ़ नियंत्रण विभाग की टीम रिंग बांध को बचाने में जुटी हुई थी, लेकिन वह टूट गया़. इसके बाद इलाकों में बसे लोगों को वहां से निकाला गया है़.

2016 को किया गया था महासेतु का उद्घाटन

वहीं, डीएम ने बताया कि रिंग बांध के ऊपर तक पानी आ गया था, जिसकी वजह से रिंग बांध टूट गया. इस महासेतु का उद्घाटन 13 मार्च, 2016 को किया गया था. करीब 548 करोड़ रुपये की लागत से वशिष्ठा कंस्ट्रक्शन कंपनी ने इस महासेतु और पुल की दोनों ओर 16 किमी का एप्रोच रोड बनाया था. इधर, राज्य पुल निगम के उप मुख्य अभियंता शाकिर अली ने बताया कि गंडक नदी पर मुख्य सेतु के एप्रोच रोड पर बनाये गये माइनर ब्रिज के पास एक तरफ एप्रोच रोड धंसा तो दुरुस्त कर दिया गया, तब तक दूसरी तरफ भी सड़क ध्वस्त हो गयी. वहीं, डीएम अरशद अजीज ने बताया कि बुधवार से ही रिसाव शुरू हुआ था. एप्रोच सड़क का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है.

सूबे के सभी तटबंध सुरक्षित

संजय कुमार झा . जल संसाधन विभाग के मंत्री संजय कुमार झा ने बताया कि जल संसाधन विभाग के सभी तटबंध सुरक्षित हैं. गंडक नदी से अभी रिकाॅर्ड साढ़े चार लाख क्यूसेक छोड़ा गया पानी क्रास कर रहा है.

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