प्रकृति के आगे विवश हुए नरेंद्र मोदी

By Prabhat Khabar Digital Desk
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अवधेश कुमार राजन,बरी धनेश

प्रकृति के आगे भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी विवश हो गये.भारी कुहरा व धुंध के बीच हेलीकॉप्टर मंडराता रहा. पाइलट ने हेलीकॉप्टर लैंड करने से रोक दिया, जिससे नरेंद्र मोदी को वापस पटना लौटना पड़ा. पटना जाने के बाद नरेंद्र मोदी ने हुंकार रैली के दौरान हुए बम विस्फोट में मारे गये मुन्ना श्रीवास्तव की पत्नी प्रिया श्रीवास्तव से सेलफोन पर बात क र उसके जख्मों पर मरहम लगाने का काम किया. नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम को लेकर सुबह सात बजे से प्रशासन पूरी तरह से चौकस था. हैलीपैड और मुन्ना के घर को पूरी तरह से सीआइएसएफ ,एसआइटी ,एनएसजी ,गुजरात क ी सुरक्षा एजेंसियां , बिहार सैफ ,बीएमपी , कमांडों फोर्स अपने घेरे में ले रखा था. सुरक्षा के लिए खुद सारण के आयुक्त शशांक शेखर शर्मा , सारण के डीआइजी विनोद कुमार, डीएम कृष्ण मोहन , पुलिस कप्तान डॉ विनोद कुमार चौधरी , सीवान के डीएम तथा पुलिस कप्तान के अलावे एएसपी अनिल कुमार , हथुआ के एसडीपीओ कमलाकांत प्रसाद , इंस्पेक्टर ददन सिंह , इंस्पेक्टर सह सार्जेट मेजर द्विवेदी फणिभूषण समेत सैकड़ों की संख्या में पुलिस के अधिकारी व जवान चप्पे- चप्पे पर तैनात थे. हैलीपैड क ी सुरक्षा के लिए सीवान के डीएम के नेतृत्व में प्रशासन के जवान तैनात थे, जबकि मुन्ना के आवास और गांव की सुरक्षा की कमान गोपालगंज की पुलिस संभाल रखी थी . उसके बावजूद गुजरात से आयी विशेष सुरक्षा एजेंसियों ने पूरी चौकसी बरती . सुरक्षा की ऐसी व्यवस्था थी कि परिंदा भी पर न मार सके .भारी सुरक्षा के बीच नरेंद्र मोदी सुबह 10 .32 बजे बरी धनेश स्थित शहीद मुन्ना के परिजनों से मिलने के लिए पहुंचना था. हजारों लोग तमाम प्रतिबंध के बाद हैलीपैड की चारों तरफ नरेंद्र मोदी के इंतजार में पलके बिछाये हुए थे. दिन के 12.30 बजे नरेंद्र मोदी का हेलीकॉप्टर आसमान में गड़गड़ाने लगा . सभी सुरक्षा एजेंसियां चौकस हो गयी थी, लेकिन प्रकृति के आगे सबको बेबस देखा गया . नीचे से ऊपर और ऊपर से नीचे कुछ भी नहीं दिख पा रहा था . यहां तक की हेलीकॉप्टर ऊपर मंडराता रहा, लेकिन नीचे से नहीं दिखा . ऐसी विषम स्थिति में पायलट ने हेलीकॉप्टर को लैंड करने से साफ इनकार कर दिया . उसके बाद हेलीकॉप्टर पटना लौट आयी .

बरी धनेश में कफ्यरू जैसा दिखा

बरी धनेश (गोपालगंज). हुंकार रैली के दौरान हुए सीरियल बम ब्लास्ट में शहीद हुए मुन्ना श्रीवास्तव के गांव में नरेंद्र मोदी के परिजनों से मिलने को लेकर जिस प्रकार प्रशासनिक तैयारियां की गयी थी ,उसमें परिंदा भी पर नहीं मार सकता था . सुरक्षा एजेंसियों के कारण पूरे इलाके में कफ्यरू जैसा माहौल दिख रहा था . मिर्जापुर बाजार से लेकर बरी धनेश गांव तक पूरी तरह से पुलिस छावनी में इलाका तब्दील हो गयी थी .यहां आने -जानेवालों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया था. प्रतिबंध के कारण पूरी तरह से इलाके में सन्नाटे पसरा हुआ था . मुख्य सड़क पर सिर्फ पुलिस के जवान और अधिकारी ही फ्लैग मार्च करते देखे गये.

सुरक्षा एजेंसियों ने की जांच

नरेंद्र मोदी की सुरक्षा के लिए पहुंचे मुख्यमंत्री सुरक्षा स्पेशल टीम तथा एनएसजी की टीम ने भाजपा के हर छोटे बड़े नेताओं की जांच के बाद ही अंदर जाने की अनुमति दी. भाजपा की तरफ से सीवान और गोपालगंज के विधायक एवं विधान पार्षद समेत बड़े नेताओं की महज 32 की सूची प्रशासन की तरफ से तैयार की गयी थी, जो नरेंद्र मोदी के स्वागत से लेकर पूरे कार्यक्रम के दौरान इन्हें हैलीपैड से लेकर शहीद मुन्ना के घर तक अलग -अलग स्थानों पर तैनात किया गया था . बिहार सरकार के पूर्व मंत्री जनार्दन सिंह सीग्रीवाल ,पूर्व पर्यटन मंत्री रामप्रवेश राय , विधायक सुभाष सिंह, भोरे के विधायक इंद्रदेव मांझी ,गढ़खा के विधायक ज्ञानचंद्र मांझी , जिरादेई के विधायक आशा पाठक , सीवान के विधान पार्षद मनोज सिंह, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष मिथिलेश तिवारी , मारकंडेय राय शर्मा ,जिलाध्यक्ष ब्रrानंद राय , उमेश प्रधान , ब्रजकिशोर नारायण सिंह, सुभाष सिंह, राजू चौबे , अनूप कुमार श्रीवास्तव , अमरेश राय , कृष्णा शाही , ब्रजनंदन जायसवाल को भी सुरक्षा एजेंसियों की जांच से गुजरनी पड़ी .

सुरक्षा के कारण घरों में कैद रहे ग्रामीण

और नमो की सुरक्षा के लिए तैनात किये गये देश की सुरक्षा एजेंसियों के कारण यहां कफ्यरू जैसा माहौल दिखा . लोग सुरक्षा कारणों से अपने- अपने घरों में कैद रहे . बहुत आवश्यक होने के बाद भी लोग अपने घर से बाहर नहीं निकल पा रहे थे . सुबह छह बजते ही पूरे इलाके को अपने पोजेशन में सुरक्षा एजेंसियां ले रखी थी , ताकि कहीं से कोई कमी सुरक्षा में न दिखे . यह महज दुर्भाग्य ही कहा जाये कि धुंध के कारण नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम स्थगित हो गया .

गुजरात पुलिस ने की जांच

नरेंद्र मोदी की सुरक्षा के लिए गुजरात से आये मुख्यमंत्री सुरक्षा गार्ड के अधिकारियों ने बिहार की तरफ से तैनात कि ये गये मजिस्ट्रेट हो या अधिकारी सबकी पूरी तरह से जांच पड़ताल क रने के बाद ही उन्हें बरी धनेश जाने की अनुमति दी . जबकि उनके पास तैनात होने की बजाप्ता पत्र और पहचान पत्र भी जिला प्रशासन की तरफ से जारी की गयी थी .

नहीं आने की कसक लिये लौटे लोग

बरीधनेश(गोपालगंज). नरेंद्र मोदी के नहीं आने की कसक लिये हजारों लोगों को अंतत: लौटना पड़ा. सुबह सात बजे से तमाम पुलिस की सुरक्षा घेरा को धता बताते हुए लोगों ने खेतों की रास्ते हैलीपैड तक पहुंचने में सफल हो गये. लोगों ने हैलीपैड के घेरे को चारों तरफ से घेर कर नमो की झलक पाने के लिए बेताब दिखे. स्थिति बिगड़ न जाये इसके लिए तैनात सुरक्षा बलों ने लाठियां भांज कर किसी तरह लोगों को काबू में किया. पुलिस और सैप के जवान लोगों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मशक्कत करती रही. दिन के साढ़े दस बजते ही हैलीपैड पर 5000 से अधिक लोग दूर दराज से मोदी को देखने पहुंच गये, जिन्हें 12:30 बजे हेलीकॉप्टर की आवाज गूंजते ही लोग काफी उत्साहित हो उठे. अति उत्साह के बीच नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम अचानक रद्द हो गया और लोगों को यकीन ही नहीं हो रहा था कि अब नरेंद्र मोदी नहीं आयेंगे.

नमो की झलक पाना रह गया सपना

और गुलाबी ठंड की परवाह किये बगैर कुहरे के बीच 85 वर्षीय कलावती देवी काफी उत्साह लिये नरेंद्र मोदी की झलक पाने के लिए अपने गांव मिर्जापुर के दर्जन भर महिलाओं के साथ तीन किमी दूर खेतों की रास्ते तय कर बरी धनेश गांव के पास बनाये गये हैलीपैड के पास पहुंच चुकी थी. हेलीपैड पर काफी भीड़ देख खेत के डरार पर बैठी कलावती को जब पता चला कि अब नरेंद्र मोदी नही आयेंगे तो वह वह मायूस हो उठी.

बेताब दिखीं महिलाएं

कुहरे के बीच प्रशासनिक चौकसी के बाद भी घर में कैद रहने वाली महिलाएं नरेंद्र मोदी की झलक पाने के लिए बेताब दिखी. खिड़की और छतों पर महिलाएं सवार होकर सुबह सात बजे से ही हेलीपैड की तरफ टकटकी लगाये हुई थी तो सबसे अधिक भीड़ हेलीपैड के पास दूर दराज से आयी महिलाओं की देखी गयी.

न्याय की अपील करेंगे विधायक

बरी धनेश. नरेंद्र मोदी के नहीं आने पर सदर भाजपा विधायक सुभाष सिंह ने फैसला किया है कि वह गुजरात जाकर शहीद मुन्ना श्रीवास्तव के परिजनों के लिए न्याय की अपील करेंगे. उसकी पत्नी प्रिया श्रीवास्तव तथा मासूम बच्ची के जीवन यापन के लिए सरकारी नौकरी की मांग करेंगे. विधायक सुभाष सिंह ने बकायदा मांग पत्र तैयार किया था, जिस पर पूर्व मंत्री जर्नादन सिंह सीग्रीवाल, पूर्व पर्यटन मंत्री राम प्रवेश राय, विधायक ज्ञानचंद्र मांझी, इंद्रदेव मांझी, व्यास देव प्रसाद, आशा देवी, विधान पार्षद मनोज सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष मिथिलेश तिवारी के हस्ताक्षर थे. मांग पत्र में कहा गया है कि मुन्ना श्रीवास्तव बिल्कुल निर्धन परिवार के भाजपा से जुड़े व्यक्ति थे, जो भूमिहीन है. इनके परिजनों के पास संपत्ति के नाम पर एक टूटा हुआ मकान है. परिवार के लिए कोई रोजगार नहीं है. ऐसी स्थिति में परिजनों को सरकारी देने पर हम आपके आभारी रहेंगे.

नमो की चर्चा में डूबी रहीं महिलाएं

देश के बड़े शहर से लेकर गांव के चौपाल तक नरेंद्र मोदी की चर्चा चल रही थी. वरी धनेश गांव की चौपाल में बैठी ग्रामीण महिलाएं चारों तरफ सुरक्षा जवानों से घिरी हुई नरेंद्र मोदी के गांव आने की चर्चा में डूबी हुई थीं. गांव की 85 वर्षीय महिला गुलबिया देवी को भी नरेंद्र मोदी को एक झलक देखना था, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने इन्हें मुन्ना के घर तक जाने की इजाजत नहीं दी. गांव की मीना देवी, माला देवी, कमलावती देवी समेत आधा दर्जन महिलाएं आग को घेर कर इस पूरे घटना क्रम के बखान में डूबी हुई थी. इन्हें आश्चर्य था कि जिंदगी में कभी इतनी बड़ी सुरक्षा नहीं देखी. उम्र के अंतिम पड़ाव पर पहुंची गुलबिया ने मुन्ना की शहादत पर कहा कि वह तो अमर हो गया.

उसके कारण यह गांव भी राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कर पाया. भले ही नरेंद्र मोदी यहां नहीं पहुंचे लेकिन यहां की धरती धन्य हो गयी.

उम्मीद लगाये डटे रहे दंपती

संजय कुमार अभय, त्रिवेणी मोड़(गोपालगंज)

.. और नरेंद्र मोदी से नहीं मिलने का मलाल लिये यूपी से आये मुसलिम युवा दंपती को अंतत: लौटना पड़ा. उन्हें सुरक्षा एजेंसियों ने त्रिवेणी मोड़ के समीप बरी धनेश जाने पर प्रतिबंध लगा दिया. चेहरे पर मायूसी लिये मोड़ के एक चाय की दुकान पर बैठे युवा दंपती लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बने हुए थे. यूपी के देवरियां जिले के भाटपार रानी से पहुंचे शकील अहमद तथा सालेहा परवीन नगर पंचायत भाटपार रानी के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार भी रह चुके हैं. ये मुख्य रूप से इनका सपना था कि नरेंद्र मोदी से मिल कर सपरिवार भाजपा के लिए समर्पित भावना से काम करते रहे है. लोगों के आकर्षण के बीच युवा दंपती ने कहा कि नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए मुसलिम युवा पूरी तरह से यूपी में अभियान चलाने का फैसला किया है. मैं मोदी जी से यहां अनुमति लेने के लिए आया था, लेकिन सुरक्षा कारणों से मुङो उन तक जाने पर रोक दी गयी. वे आये भी नहीं.

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