गोपालगंज में पेपरलेस रजिस्ट्री के विरोध में स्टांप वेंडर और कातिब संघ की बैठक, 16 सितंबर की सुनवाई से जगी उम्मीद

गोपालगंज में पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था के खिलाफ स्टांप वेंडर और कातिब संघ ने नाराजगी जताई है. नई व्यवस्था से आम लोगों को भी हो रही परेशानी को देखते हुए पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की गई है. सभी की उम्मीदें पटना हाईकोर्ट में 16 सितंबर को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं.

Gopalganj News : गोपालगंज जिले में लागू पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में सोमवार को स्टांप वेंडर एवं कातिब संघ की बैठक रजिस्ट्री कचहरी परिसर में हुई. बैठक में संघ के सदस्यों ने नई व्यवस्था को लेकर नाराजगी जतायी और पुरानी पद्धति से रजिस्ट्री व्यवस्था बहाल करने की मांग की. सदस्यों ने कहा कि पेपरलेस व्यवस्था के कारण स्टांप वेंडर और कातिब के साथ-साथ आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

हाईकोर्ट में चल रहा है मामला

स्टांप वेंडर एसपी नरोत्तम ने बताया कि पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था के खिलाफ मामला पटना हाइकोर्ट में विचाराधीन है. उन्होंने बताया कि 11 सितंबर को हुई सुनवाई के दौरान न्यायालय की ओर से मौखिक टिप्पणी की गयी कि नियमावली-2026 को रद्द क्यों नहीं किया जाए. मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर को निर्धारित है. न्यायालय की इस टिप्पणी के बाद संघ के सदस्यों को उम्मीद है कि पुरानी व्यवस्था को लेकर कोई सकारात्मक निर्णय आ सकता है.

काम नहीं मिलने से प्रभावित हो रही आजीविका

बैठक में संघ के सदस्यों ने कहा कि पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था लागू होने के बाद भी स्टांप वेंडर और कातिब रोजाना रजिस्ट्री कार्यालय पहुंच रहे हैं. हालांकि, काम नहीं होने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है. इससे उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है. सदस्यों ने कहा कि लंबे समय तक इसी तरह काम प्रभावित रहा तो उनके सामने आर्थिक संकट और बढ़ सकता है.

आम लोगों को भी हो रही परेशानी

संघ के सदस्यों का कहना था कि पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था से आम लोग भी संतुष्ट नहीं हैं. जमीन की रजिस्ट्री कराने पहुंचने वाले लोगों को नई प्रक्रिया के कारण कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सदस्यों ने कहा कि पुरानी व्यवस्था में प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल थी और लोगों को रजिस्ट्री कराने में सुविधा होती थी.

पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग

बैठक में स्टांप वेंडर और कातिब संघ के सदस्यों ने राज्य सरकार से आम लोगों और रजिस्ट्री कार्य से जुड़े कर्मियों की समस्याओं को देखते हुए पुरानी रजिस्ट्री व्यवस्था बहाल करने की मांग की. सदस्यों ने कहा कि अब सभी की नजर 16 सितंबर को पटना हाइकोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी है.

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By संजय कुमार अभय

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