रमजान में नेक काम करने का फल 70 गुना

गोपालगंज : रमजान के पवित्र माह में की गयी इबादत और नेक काम का 70 गुना फल मिलता है. इसलिए मुसलमान भाई माह भर तक ज्यादा-से-ज्यादा नेक काम करते हैं और किसी तरह की बुराई से बचते हैं. मरकजी मसजिद के इमाम ने कहा कि जो लोग बीमारी तथा अन्य किसी कारण से रोजा नहीं […]

गोपालगंज : रमजान के पवित्र माह में की गयी इबादत और नेक काम का 70 गुना फल मिलता है. इसलिए मुसलमान भाई माह भर तक ज्यादा-से-ज्यादा नेक काम करते हैं और किसी तरह की बुराई से बचते हैं. मरकजी मसजिद के इमाम ने कहा कि जो लोग बीमारी तथा अन्य किसी कारण से रोजा नहीं रख सकते, वे ज्यादा-से-ज्यादा दान-पुण्य व दूसरों की भलाई करने में लगे रहते हैं, ताकि उन्हें जन्नत नसीब हो सके.

वर्तमान में चल रहे रमजान में कई ऐसे लोग हैं, जो दान-पुण्य तो कर रहे हैं, मगर उसका ढिंढोरा नहीं पीटते और गुप्त रूप से बिना किसी को बताये इफ्तार खर्च उठा रहे हैं और मसजिद-मदरसों में दान दे रहे हैं.
रेहान ने रखा पहला रोजा
चौराव गांव निवासी रिजवान अहमद का छह वर्षीय पुत्र रेहान अहमद ने अपना पहला रोजा रखा. बुधवार को अपना पहला रोजा पूरा करने के बाद शाम को इफ्तार किया. नन्हे रोजेदार के पिता ने बताया कि बड़ों को रोजा रखते देख रेहान ने रोजा रखने की जिद की. सुबह की सहरी करने के बाद शाम तक बिना कुछ खाये रोजा रखा.

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