अनदेखी . बनाये जाने थे तीन पार्क
गोपालगंज : ठीक डेढ़ वर्ष पहले शहर में जब पार्क बनाने की चर्चा हुई, तो एक उम्मीद जगी कि उनकी अहले सुबह और देर शाम स्वच्छ वादियों में बीतेगी. पार्क का निर्माण नगर पर्षद को कराना था. समय बीतता चला गया, लेकिन शहरवासियों को पार्क का सपना आज भी अधूरा है. ग्रीन सिटी, क्लीन सिटी अभियान के बीच नगर पर्षद को तीन पार्कों का निर्माण कराना था. इसके तहत आंबेडकर भवन परिसर में इंजीनियर द्वारा भूमि का सत्यापन भी करा लिया गया.
डीपीआर बन गयी, इसके अलावा ब्लाॅक के पास और शहर में एक अन्य स्थल पर पार्क का निर्माण किया जाना था. शहरी विकास मंत्रालय द्वारा जमीन तलाशने और पार्क निर्माण कराने की जिम्मेवारी नगर पर्षद को मिली थी. योजना के लिए चर्चा हुई, लेकिन इसकी कहीं भी आधारशिला नहीं रखी गयी.
क्या थी योजना : शहर में तीन स्थलों पर पार्क निर्माण किया जाना था. पार्क में फूल और छोटे-छोटे पौधों के अलावा लाइट, बैठने के लिए सीमेंटेड बेंच, पेयजल की व्यवस्था की जानी थी. इस योजना पर 65 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान था. लक्ष्य था कि शहरवासी टहलने या अपने बच्चों के साथ कुछ देर समय बिताने के लिए इस पार्क में आकर बैठ सकें तथा सुकून महसूस कर सकें.
