कार्रवाई. सीएस ने की सदर अस्पताल की जांच, मचा रहा हड़कंप
सदर अस्पताल की व्यवस्था बदल गयी है. अस्पताल में मरीजों को अब कॉरपोरेट की तरह सेवा उपलब्ध होगी.
गोपालगंज : सदर अस्पताल की बदलती व्यवस्था के बीच सिविल सर्जन डॉ मधेश्वर प्रसाद शर्मा ने अचानक शनिवार को महिला वार्ड का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्था के साथ ही उसकी समीक्षा भी की. लेबर रूम की बगल में एक नया लेबर रूम बनाने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है. उस कमरे में नया बेड देख सिविल सर्जन भड़क गये. मौजूद एनएम ने नाइट ड्यूटी में तैनात कर्मियों को इसके लिए जिम्मेवार बताया, जिन पर तत्काल कार्रवाई करते हुए स्पष्टीकरण तलब किया गया है, जिसमें एनएम गीता कुमारी, रंजना कुमारी तथा पूनम कुमारी शामिल हैं.
इनके द्वारा मरीजों के लिए मंगाये गये बेड को उठा कर अपने प्रयोग में रखा गया था. मौजूद डिस्ट्रिक रिसोर्स यूनिट के डॉ गीतीका ने लेबर रूम में फर्श पर टाइल्स लगाने तथा पुरुषों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की बात कही. सिविल सर्जन ने अस्पताल प्रबंधक अमरेंद्र कुमार को व्यवस्था बदलने का निर्देश दिया. हर हाल में इस व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पूरी टीम को जिम्मेवारी सौंपी गयी.
महिला वार्ड में जाने के लिए जारी होगा पास
महिला वार्ड में मरीजों के साथ एक सहयोगी के लिए पास जारी होगा. पास वाले को ही वार्ड में जाने की अनुमति मिलेगी. बिना पास इंट्री नहीं दी जायेगी. यह व्यवस्था अगले सप्ताह से लागू हो जायेगी. गेट पर ही पास बनाने का काउंटर बनाया जा रहा है, जहां ड्रेस में स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध रहेंगे.
मरीजों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए पूरी तरह से वातानुकूलित एक और लेबर वार्ड बनाया जा रहा है, जहां न सिर्फ प्रसव कराया जायेगा, बल्कि जच्चा और बच्चा के स्वास्थ्य की जांच भी नियमित की जायेगी. अब तक मात्र एक लेबर वार्ड से काम चल रहा था. पटना से इसके लिए डॉ कविता को रात में तैनात किया गया है, जो पूरी रात अस्पताल में रह कर इलाज करेंगी. इमरजेंसी में आनेवाले मरीजों को कठिनाई न हो इसको ध्यान में रखते हुए अस्पताल ने व्यवस्था में बदलाव किया है.
