तीन दिनों तक नहीं करें ऑनलाइन शॉपिंग

सावधानी. बैंकों ने ग्राहकों को जारी किया अलर्ट, एटीएम के माध्यम से भी छेड़छाड़ कर रहे हैकर ऑनलाइन के दौरान बैंक एकाउंट हैक कर सकते हैं साइबर अपराधी गोपालगंज : देशव्यापी खाते में वायरस की लगी सेंध के बाद बैंक उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गयी है. जिस तरह बैंक खाते की जानकारी लीक कर साइबर […]

सावधानी. बैंकों ने ग्राहकों को जारी किया अलर्ट, एटीएम के माध्यम से भी छेड़छाड़ कर रहे हैकर

ऑनलाइन के दौरान बैंक एकाउंट हैक कर सकते हैं साइबर अपराधी
गोपालगंज : देशव्यापी खाते में वायरस की लगी सेंध के बाद बैंक उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गयी है. जिस तरह बैंक खाते की जानकारी लीक कर साइबर अपराधी आम लोगों की मेहनत की कमाई चुरा रहे हैं, इससे खातों की गोपनीयता बरकरार रखनी बड़ी चुनौती बन गयी है. हैकर अब न सिर्फ वायरस, बल्कि एटीएम के माध्यम से भी छेड़छाड़ कर ग्राहकों को चपत लगा रहे हैं. मिलों दूर बैठ कर साइबर अपराधी किसी के भी खाते में सेंध लगा रहे हैं.
ऑनलाइन ठगी के बाद पुलिस को चकमा देना सबसे आसान साबित हो रहा है. हाल ही में ऐसे कई मामले सामने आये हैं. पिछले एक सप्ताह में 23 से अधिक लोग ऑनलाइन ठगी के शिकार हुए हैं. बैंकों ने ग्राहकों को सावधानी बरतने का निर्देश जारी किया है.
फिलहाल खरीदारी से बचें : बैंकों ने अलर्ट जारी करते हुए फिलहाल तीन दिनों तक ऑनलाइन शॉपिंग करने से बचने का निर्देश जारी किया है. बैंकों ने कहा है कि खुले स्थल में मोबाइल से नेट बैंकिंग में सावधानी बरतें. देशव्यापी खाते में वायरस की लगी सेंध के बाद अलर्ट जारी किया गया. मंगलवार को बैंक अानेवाले ग्राहकों को इसकी जानकारी दी जा रही थी.
एटीएम के सेंसर से कर रहे छेड़छाड़ : साइबर अपराधियों की ओर से एटीएम से पैसा निकालने के लिए अब मशीन का सेंसर से छेड़छाड़ कर रहे हैं. इससे एटीएम का सेंसर बैंकों के स्विच सेंटर को पैसे निकासी के बारे में सही रिपोर्ट नहीं दे पा रहा है. गोपालगंज में दो माह के अंदर चार मामले सामने आये हैं. इनमें यूपी के बस्ती, कानपुर, मुंबई गांव तथा कोलकाता के खाता धारकों का शहर की एटीएम से पैसा निकाला गया है. इस मामले में केस तो दर्ज नहीं हुआ है. लेकिन, खाता धारकों ने बैंकों में शिकायत जरूर की है. यह सभी मामले एसबीआइ से जुड़े हैं.
ऐसे हो रहा फ्रॉड : साइबर क्रिमिनल का एक गैंग है, जो अलग-अलग राज्य में काम कर रहा है. यह इतने एक्सपर्ट हैं कि एटीएम में घुसने के बाद उसके सेंसर से छेड़छाड़ कर दे रहे हैं. इसका प्रभाव यह हो रहा है कि खाते से पैसा तो निकल जा रहा है, लेकिन बैंकों के स्विच सेंटर को जो रिपोर्ट जा रही है. उसमें पैसा नहीं निकलने की बात दिख रही है, जबकि कैश डिपोजिट मशीन से जब लेन-देन के ब्योरे का मिलान किया जा रहा है, तो पैसा निकला हुआ पता चल रहा है. बैंक एक्सपर्ट की मानें, तो इस तरह के अपराधी अगर 10 हजार की निकासी कर रहे हैं, तो एटीएम में दो नोट छोड़ दे रहे हैं.
इस तरह से सुरक्षित रखें अपना खाता
अपने सभी कार्ड के लिए सुरक्षित पिन नंबर रखें.
बिल देते समय संदिग्ध दिखाई दे, तो तुरंत क्रेडिट कार्ड देनेवाली कंपनी से संपर्क करें, जिससे बैंक भुगतान को रोक सके.
समय-समय पर सुनिश्चित करते रहें कि आपका मेल बॉक्स सुरक्षित है या नहीं.
बिल, रेलवे टिकट, फ्लाइट टिकट, एटीएम से निकली बची रकम की परची न फेंके.
कॉल करनेवाले अजनबी या जाननेवाले को अपना कार्ड नंबर कभी न दें.
कॉल करनेवाला खुद को बैंक अधिकारी बताये, तो भी नहीं बताएं. बैंक केवल एक बार ही ग्राहक से जानकारी लेता है.

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