मीरगंज (गोपालगंज) : बंद हथुआ चीनी मिल के सल्फर के गोदाम में आग लगने के बाद जहरीली गैस भयावह बनता जा रहा. जहरीली गैस से एसएफसी के हजारों टन अनाज पर खतरा बना हुआ है. आसपास के इलाके के घरों में भी रखे अनाज को जहरीली गैस प्रभावित कर सकती है. डॉक्टरों ने लोगों से जरूरी ऐहतियात बरतने को कहा है.
उधर, दमकल की टीम ने चीनी मिल में लगी आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया है. घटना के तीसरे दिन भी आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है. हथुआ चीनी मिल के परिसर में एसएफसी का गोदाम है. यहां हजारों टन चावल-गेहूं स्टॉक कर रखा गया है. चीनी मिल के सल्फर में जब आग लगी तो, सबसे पहले लोगों ने अपने-अपने घरों को खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाना शुरू कर दिया.
सोमवार को जहरीली गैस से राहत मिलने पर इलाज कराने के बाद अपने-अपने घर पर लोग पहुंचने लगे. उधर, एसएफसी के अधिकारियों ने गोदाम पर पहुंच कर पूरी स्थिति का जायजा लिया. अधिकारियों ने कहा कि जहरीली गैस से अनाज पर किसी तरह का खतरा नहीं है. एसएफसी के गोदाम की चारों तरफ से गिनरानी रखा जा रहा है. वहीं उचकागांव प्रखंड के बीडीओ मार्कण्डेय राय ने कहा कि सल्फर में लगी आग पर नियंत्रण पा लिया गया है. आग कैसे लगी, चीनी मिल का कितना क्षति हुआ इस पूरे मामले की जांच कर वरीय अधिकारी को रिपोर्ट सौंपी जायेगी.
