जहरीली गैस से आफत. दो दिनों से सुलग रही आग रविवार को हो गयी बेकाबू
हथुआ चीनी मिल के सल्फर में आग लगने के बाद निकली जहरीली गैस से इलाके में अफरातफरी मच गयी. लोग घर छोड़ कर सुरक्षित स्थानों पर भाग निकले. मेडिकल टीम गांव में कैंप कर जहरीली गैस से दिक्कत आनेवाले लोगों की इलाज कर रही है.
मीरगंज : हथुआ चीनी मिल के सल्फर में आग लगने के बाद जहरीली गैस निकलने से स्थिति इतनी भयावह होगी, इसका अंदाजा ग्रामीणों को नहीं था. जिस चीनी मिल में आग लगी थी,
वहां दर्जनों कर्मचारी मिल के क्वार्टर में अपने परिवार के साथ रहते थे. जहरीली गैस निकलने पर सबसे पहले इन कर्मियों को घर से दूर हटाया गया. आसपास के गांव में रहनेवाले लोगों की सांसें जहरीली गैस से घूंटने लगीं. तब बचने के लिए घर छोड़ कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भागने पड़े. महिला और बच्चों को साथ लेकर दम घूंट रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा. रविवार की दोपहर में बारिश होने के बाद थोड़ी राहत मिली. हालांकि देर शाम तक जहरीली गैस से ग्रामीण परेशान रहे. उधर, अधिकारियों की टीम सल्फर में लगी आग को बुझाने में जुटी रही.
दमकल की पहुंची दो गाड़ियां पूरी तरह से आग पर काबू नहीं पा सकीं. दरअसल जिस गोदाम में सल्फर रखा गया था, वहां जाने के लिए रास्ता भी नहीं था. इसके कारण दमकल टीम को परेशानियों का सामना करना पड़ा. बाद में अधिकारियों ने जेसीबी को मंगवाया और गोदाम के कुछ हिस्से को तोड़वा दिया, जिसके बाद दमकल कर्मियों ने आग पर नियंत्रण काफी हद तक पाया.
मुंह पर कपड़ा बांध पर पहुंचे अधिकारी : जहरीली गैस से लोगों का दम इस कदर घूंटने लगा था कि अधिकारियों को भी घटनास्थल पर जाने में भय लगने लगी थी. सल्फर गोदाम के पास जाने के लिए अधिकारियों ने अपने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था. अधिकारियों के साथ मौजूद पुलिस कर्मियों ने भी गमछे से चेहरे को पूरी तरह से ढक लिया था. पूरे दिन अधिकारियों की टीम कैंप कर सल्फर गोदाम में लगी आग पर काबू पाने में जुटी रही.
पांच सदस्यीय पहुंची मेडिकल की टीम : जहरीली गैस से सांस और सीने में जकड़न की जैसे ही समस्या उत्पन्न हुई. उचकागांव पीएचसी से पांच सदस्यीय मेडिकल टीमें भेज दी गयीं. डॉ इमाम के नेतृत्व में दो एएनएम, एक सहायक व कंपाउंडर को भेजा गया.
मेडिकल टीम ने दम घूंट रहे लोगों का इलाज शुरू कर दिया. जहरीली गैस की चपेट में आये लोगों को दवा दी गयी. देर शाम तक मेडिकल टीम ग्रामीणों का इलाज करती रही. सबसे अधिक बुजुर्ग और बच्चे जहरीली गैस से परेशान हैं.
घर छोड़ कर भागने पर विवश हो गये लोग
जहरीली गैस का दिखा कई गांव में असर
चीनी मिल के आसपास इलाकों में सन्नाटा
