फाइलों में उलझा गन्ना किसानों का प्रोत्साहन अनुदान

अनुदान राशि नहीं हो पायी आवंटित आर्थिक संकट से जूझ रही चीनी मिलों को उबारने के लिए सरकार की महत्वपूर्ण योजना में इस वर्ष राशि का आवंटन काफी विलंब से हुआ है. गोपालगंज : गन्ना उद्योग संकट में है. चीनी मिलें घाटे में चल रही हैं. समय पर भुगतान नहीं होने से किसान गन्ने की […]

अनुदान राशि नहीं हो पायी आवंटित

आर्थिक संकट से जूझ रही चीनी मिलों को उबारने के लिए सरकार की महत्वपूर्ण योजना में इस वर्ष राशि का आवंटन काफी विलंब से हुआ है.
गोपालगंज : गन्ना उद्योग संकट में है. चीनी मिलें घाटे में चल रही हैं. समय पर भुगतान नहीं होने से किसान गन्ने की बोआई से विमुख हो रहे हैं. गन्ने के अभाव में इस बार भी फरवरी के दूसरे सप्ताह में ही जिले की तीनों चीनी मिलें बंद हो गयीं. 2010-11 तक चीनी मिलें मार्च और अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक गन्ना की पेराई करती थीं. गन्ने के अभाव के पीछे किसानों को समय पर उचित मूल्य नहीं मिलना प्रमुख कारण बना है.
ऐसे में गन्ना उद्योग विभाग से किसानों को उन्नत किस्म के बीज की बोआई के लिए प्रति हेक्टेयर 2500 रुपये का अनुदान तथा जैविक और रासायनिक खाद के लिए अलग से अनुदान दिया जाता है. इस बार 26 फरवरी को सरकार ने राशि का आवंटन तो किया, लेकिन विभाग को राशि उपलब्ध नहीं करायी है. इसके कारण इस अनुदान का लाभ नहीं मिल रहा है.
क्या कहते हैं अधिकारी
सरकार की तरफ से इस बार अनुदान के लिए राशि का आवंटन काफी विलंब से आया है. आमसभा कर किसानों की चयन प्रक्रिया चल रही है.
रवींद्र कुमार, सहायक निदेशक, गन्ना विकास विभाग, गोपालगंज
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By Prabhat Khabar Digital Desk

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