बथुआ बना गरीबों की आजीविका का सहारा हथुआ. जाड़े के मौसम ने ग्रामीण क्षेत्र के गरीब बच्चों के लिए पैसा कमाने का अच्छा मौका लाया है. स्कूल से लौटने के बाद बच्चे खेतों से बथुआ का साग लेकर बाजार पहुंच जा रहे हैं और शाम को लौटते समय 100 से 150 रुपये की आमदनी कर ले रहे हैं. सिंगहा गांव के पांचवें वर्ग में पढ़नेवाला भोजू राम ने बताया कि वह दो सप्ताह के अंदर एक हजार रुपये की बचत कर चुका है. उससे प्रेरणा लेकर आसपास के और भी बच्चे इस धंधे में उतर चुके हैं और हथुआ बाजार में इनकी संख्या दर्जन भर से अधिक हो चुकी है. बच्चों की इस उद्यमिता से उन बच्चों के माता-पिता बहुत खुश दिखाई दे रहे हैं.
बथुआ बना गरीबों की आजीविका का सहारा
बथुआ बना गरीबों की आजीविका का सहारा हथुआ. जाड़े के मौसम ने ग्रामीण क्षेत्र के गरीब बच्चों के लिए पैसा कमाने का अच्छा मौका लाया है. स्कूल से लौटने के बाद बच्चे खेतों से बथुआ का साग लेकर बाजार पहुंच जा रहे हैं और शाम को लौटते समय 100 से 150 रुपये की आमदनी कर […]
