नमी में कमी, रबी पर खतरा .. रबी के ग्रोथ में कमी, फसलों में दिख रहे रोगों के लक्षण फोटो – 12 – गेहूं की लहलहाती फसल- पुरानाभोरे. मौसम की बेरुखी का असर अब रबी की फसलों पर दिखने लगा है. भूमि की नमी में कमी के कारण जहां रबी फसलों का ग्रोथ कम हो रहा है, वहीं फसलों में रोगों के लक्षण भी दिखने शुरू हो गये हैं. ऐसे में किसान परेशान हैं. उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है. मौसम के अनुसार इस समय रबी की फसल में झुलसा रोग की आशंका बढ़ जाती है. गेहूं की फसल में यदि रोग लगा, तो निचली पत्तियों पर भूरे धब्बे पड़ने के साथ ही ऊपरी पत्तियां पीली होने लगती हैं. इसके अलाआ गेरूई और करनाल बंट रोग भी फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है. ऐसी स्थिति में कृषि विशषज्ञों का कहना है कि किसान प्रति हेक्टेयर प्रोपीकोनाजोल नामक दवा का इस्तेमाल कर सकते हैं. झुलसा रोग का प्रकोप आलू की फसल पर भी हो सकता है. इस रोग के पकड़ने के बाद आलू की पत्तियों पर पीले-हरे रंग के अनियमित धब्बे पड़ जाते हैं, जो गीले दिखने लगते हैं. पत्तियों के निचले भाग पर अंगूठीनुमा सफेद फफूंदी बन जाती है. इस रोग से बचने के लिए मैकोजेब दवा की छिड़काव किया जा सकता है.
नमी में कमी, रबी पर खतरा
नमी में कमी, रबी पर खतरा .. रबी के ग्रोथ में कमी, फसलों में दिख रहे रोगों के लक्षण फोटो – 12 – गेहूं की लहलहाती फसल- पुरानाभोरे. मौसम की बेरुखी का असर अब रबी की फसलों पर दिखने लगा है. भूमि की नमी में कमी के कारण जहां रबी फसलों का ग्रोथ कम हो […]
