कृषि मेला अनुदान में घोटाला!

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 27 Dec 2015 6:30 PM

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कृषि मेला अनुदान में घोटाला!गड़बड़ झाला : अनुदान एक हजार, लाभ महज 320 रुपये का कृषि यंत्रों के मेला और बाजार मूल्य में भारी अंतरविभाग और व्यापारी की सेटिंग के खेल में फंसे किसानफोटो-2राज्य सरकार द्वारा किसानों को यंत्र खरीद पर अनुदान दिया जा रहा है. अनुदान के नाम पर जिले में सरेआम ठगी की […]

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कृषि मेला अनुदान में घोटाला!गड़बड़ झाला : अनुदान एक हजार, लाभ महज 320 रुपये का कृषि यंत्रों के मेला और बाजार मूल्य में भारी अंतरविभाग और व्यापारी की सेटिंग के खेल में फंसे किसानफोटो-2राज्य सरकार द्वारा किसानों को यंत्र खरीद पर अनुदान दिया जा रहा है. अनुदान के नाम पर जिले में सरेआम ठगी की जा रही है. कृषि मेले में बिकनेवाले कृषि यंत्र का मूल्य बाजार के मूल्य से काफी अधिक है. सवाल यह है कि आखिर मेला पहुंचते ही इन यंत्रों की कीमत बढ़ क्यों जा रही है. प्रमोद तिवारी, गोपालगंजकृषि मेले के अनुदान में सरेआम घोटाला किया जा रहा है. कृषि यांत्रिकीकरण पर दिया जा रहा अनुदान का शत-प्रतिशत फायदा किसानों तक नहीं पहुंच रहा है. कारण स्पष्ट है कि जिस यंत्र की कीमत बाजार में 120 रुपये है, वह कृषि मेले में 198 रुपये में बिक रहा है. ऐसे में किसानों को अनुदान का लाभ मामूली मिल रहा है. हाल ही में लगे कृषि मेले में सिंचाई के फोल्डिंग पाइप 198 रुपये किलो बेचा गया, जबकि बाजार में बिना वाउचर लिये उसकी कीमत 120 रुपये किलो है. यदि कोई किसान टीन और वैट के साथ वाउचर लेता है तब उसकी कीमत 132 रुपये किलो है. ऐसे में किसानों को 10 किलो पर बाजार के अनुपात में महज 320 रुपये का अनुदान मिल रहा है, जबकि विभाग उसको एक हजार रुपये अनुदान देने का दावा कर रहा है. सवाल यह है कि आखिर 650 रुपये कहां गये. इसका जवाब न तो दुकानदार के पास है और न ही विभाग के पास. यह मामला अकेले फोल्डिंग पाइप पर नहीं बल्कि उन सभी यंत्रों का जो कृषि मेले मे बिकते हैं. जिले को इस बार 4.81 करोड़ रुपये का अनुदान मिला है, लेकिन वास्तविकता यह है कि महज 30 फीसदी राशि से ही किसान लाभान्वित हो पा रहे हैं. दुकानदारों की मनमानी भी कम नहींदुकानदार के पास किसान अगर सिंचाई पाइप खरीदने जाता है, तो उसे 120 रुपये किलो दिया जा रहा है. अगर वैट के साथ लेता है, तो 132 रुपये दिया जाता है. जैसे ही किसान मेले का परमिट दे रहा है, तो उसे 198 रुपये का रेट बताया जाता है. मेले का परमिट है, तो 198 रुपये किलो का रेट देना होगा. 66 रुपये प्रति किलो का घालमेल है. परमिट लेने के लिए करनी पड़ती है मशक्कतकिसान को सिंचाई पाइप लेने के लिए कृषि विभाग से बकायदा परमिट लेना होता है. इस परमिट के लिए किसान को 50 रुपये जमा कर नेट पर आॅनलाइन फाॅर्म भरना पड़ रहा है. उसके बाद किसान सलाहकार से लेकर बीएओ और डीएओ कार्यालय तक चक्कर लागने की बाद उन्हें परमिट मिल पा रहा है.एक नजर में अनुदान और बिक्रीअनुदान का लक्ष्य – 4.81 करोड़मेले में कुल बिक्री – 1.90 करोड़फोल्डिंग पाइप की कीमत – 1980 प्रति 10 किलोप्राप्त अनुदान – 990 रुपयेबाजार मूल्य – 120 से 132 रुपये प्रति किलोक्या कहता है कृषि विभाग कृषि यंत्र के बाजार और मेले के मूल्य में अंतर की जानकारी हमें नहीं है. पाइप पर 50 फीसदी का अनुदान देना है. यदि कोई किसान बाजार से पाइप की खरीदारी कर वाउचर देता है, तो उसे क्रय मूल्य पर अनुदान की राशि मिलेगी. यदि किसी किसान को बाजार में सस्ता यंत्र मिलता है, तो वह खरीद कर उस पर भी अनुदान का लाभ ले सकता है. अगले मेले में इसकी पूर्णत: जानकारी भी ली जायेगी. डॉ वेदनारायण सिंह, डीएओ

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