भारतीय महिला कर्मचारी ने विप्रो के खिलाफ 10 लाख पाउंड का मामला दायर किया लंदन. आइटी की प्रमुख कंपनी विप्रो के लंदन स्थित कार्यालय में एक भारतीय महिला कर्मचारी ने फर्म पर लैंगिक भेदभाव, गैरबराबर वेतन और अनुचित बर्खास्तगी का आरोप लगाते हुए दस लाख पाउंड के मुआवजे का मामला दायर किया है. उन्हांेने आरोप लगाया कि उन्हें हिंसक, महिला विरोधी संस्कृति का सामना करना पड़ा और बेंगलुरु में मुख्यालय वाली इस कंपनी की ब्रिटेन शाखा के एक शादीशुदा बास के साथ प्रेम संबंध के लिए मजबूर होना पड़ा. महिला ने इस सप्ताह लंदन में एक रोजगार न्यायाधिकरण को बताया कि किस तरह उसके बास ने उसे ‘भारतीय पौराणिक कथा की एक आकर्षक नृत्यांगना’ कहा. उन्होंने कहा, ‘जो महिलाएं विश्वास से भरी, क्षमतावान और अपना नजरिया पेश करने वाली होती हैं उन्हें अक्सर ‘भावुक’ ‘मनोरोगी’ या ‘रजोनिवृत्त’ कहा जाता है. जो महिलाएं अन्य महिलाआंे की मदद करनी हैं उन्हें ‘समलैंगिक’ कहा जाता है.” ‘डेली टेलीग्राफ’ की खबर के अनुसार, महिला का दावा है कि उसे एक शादीशुदा वरिष्ठ उपाध्यक्ष के साथ प्रेम संबंध रखने पर मजबूर होना पड़ा. हालांकि विप्रो ने इस कानूनी वाद पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
भारतीय महिला कर्मचारी ने वप्रिो के खिलाफ 10 लाख पाउंड का मामला दायर किया
भारतीय महिला कर्मचारी ने विप्रो के खिलाफ 10 लाख पाउंड का मामला दायर किया लंदन. आइटी की प्रमुख कंपनी विप्रो के लंदन स्थित कार्यालय में एक भारतीय महिला कर्मचारी ने फर्म पर लैंगिक भेदभाव, गैरबराबर वेतन और अनुचित बर्खास्तगी का आरोप लगाते हुए दस लाख पाउंड के मुआवजे का मामला दायर किया है. उन्हांेने आरोप […]
