गोपालगंज : बिहार के युवा विदेश में बैठ कर चुनाव गणित कर रहे हैं. यह विधानसभा चुनाव उनके लिए काफी अहम है.
विदेशों में भी उन्हें अपनी मिट्टी, अमन की समृद्धि की चिंता उन्हें सता रही है. विदेश में बैठ कर चुनाव की पल-पल की जानकारी अपडेट कर रहे हैं. उन्हें इस बात का मलाल है कि अपना इलाका भी काश इसी तरह विकसित होता.
इस विकास के सपने को देख वे चाहते हैं कि एक मजबूत लोकतंत्र बने. युवाओं को अपने घर में रोजगार मिले. उन्हें सात समंदर पार नहीं जाना पड़े.
गोपालगंज जिले के 97 हजार 390 लोग इन दिनों सऊदी अरब, दुबई, मशकट, कुवैत, जापान, थाईलैंड, इंगलैंड, श्रीलंका, रसिया, अमेरिका जैसे देशों में अपने हुनर से वहां के विकास के लिए प्रतीक बने हुए हैं. इनका सपना है कि जो लोग विदेशों की कंपनी को चलाने की क्षमता रखते हैं वे बिहार की कंपनी को भी बेहतर तरीके से चला सकते हैं.
इसके लिए एक ऐसी सरकार की जरूरत है, जो बिहार के विकास के प्रति गंभीरता से काम करे. कई ऐसे युवक हैं, जो इस चुनाव में प्रतिदिन अपने परिजनों से बात कर समीकरण के आधार पर चुनाव को दिलचश्प बना रहे हैं. नीचे किये गये उल्लेख सिर्फ बानगी मात्र है. ऐसे हजारों युवक चुनाव में विदेश से घर आने की फिराक में हैं. वे अपनी कंपनी को छुट्टी की अर्जी भी दे चुके हैं.
