न होल्डिंग टैक्स की वसूली हुई, न टावर टैक्स की
गोपालगंज : नगर पर्षद टैक्स वसूली से दूर होता जा रहा है. पार्षदों के बीच राजनीतिक तनातनी के कारण विकास का पहिया रुक गया है.
सिर्फ चर्चाएं होती रहीं, लेकिन टैक्स वसूली के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.
नतीजतन शहरवासियों और विभिन्न कंपनियों के पास राजस्व के रूप में करोड़ों रुपये बकाया है. ऐसे में बिना राजस्व आये शहर के विकास की कल्पना बेकार है. यहां होल्डिंग टैक्स वर्ष 2012-13 से बकाया है.
बकायेदारों में आम से खास तक शामिल हैं. नगर पर्षद को विभिन्न टावर कंपनियों से रजिस्ट्रेशन शुल्क और सालाना टैक्स वसूलना है, लेकिन टैक्स वसूली को कौन कहे, इनका अभी तक रजिस्ट्रेशन भी नहीं हुआ है. इसके अलावा और कई ऐसे टैक्स हैं, जिन्हें नप को वसूलना है, लेकिन नगर पर्षद टैक्स वसूली दूर होता गया. अब सवाल उठता है कि आखिर नगर पार्षद टैक्स वसूलने से कब तक दूर रहेगा.
तीन सात से नहीं हो रही वसूली : नगर पर्षद में सवा दो करोड़ रुपये होल्डिंग टैक्स के रूप में बकाया है. यह बकाया वर्ष 2012-13 से है. पहली दफा सितंबर में टैक्स वसूलने की सुगबुगाहट नगर पर्षद में जगी है और लोगों से टैक्स जमा करने की अपील की गयी है. हालांकि लोगों ने 2.5 लाख रुपये जमा किये हैं. बात ऐसी नहीं कि लोग टैक्स जमा नहीं करना चाहते, बल्कि टैक्स वसूली का प्रयास ही नहीं हुआ.
