फुलवरिया : चर्चित धीरेंद्र हत्याकांड में फुलवरिया पुलिस कोयलादेवा स्थित हत्या के मुख्य आरोपित के घर पर कुर्की जब्ती की कार्रवाई शुरू की तो आरोपित ने एसपी मनोज कुमार तिवारी के आवासीय कार्यालय पर सरेंडर कर दिया. सरेंडर किये जाने की जानकारी पुलिस कप्तान ने थानेदार को देते हुए कार्रवाई को रोकने का आदेश दिया. एसपी का आदेश आते ही कार्रवाई को रोका गया.
हत्याकांड के मुख्य आरोपित ने एसपी के समक्ष किया सरेंडर
फुलवरिया : चर्चित धीरेंद्र हत्याकांड में फुलवरिया पुलिस कोयलादेवा स्थित हत्या के मुख्य आरोपित के घर पर कुर्की जब्ती की कार्रवाई शुरू की तो आरोपित ने एसपी मनोज कुमार तिवारी के आवासीय कार्यालय पर सरेंडर कर दिया. सरेंडर किये जाने की जानकारी पुलिस कप्तान ने थानेदार को देते हुए कार्रवाई को रोकने का आदेश दिया. […]

उधर, पुलिस कप्तान ने नगर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर प्रशांत कुमार राय को बुलाकर सौंप दिया. बाद में फुलवरिया पुलिस आरोपित को लेकर पूछताछ शुरू कर दी. हत्याकांड के आरोपित धनंजय सिंह व पंकज सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
वहीं इसी मामले में आरोपित शिवजी सिंह न्यायालय से बेल पर बाहर है, जबकि कांड के मुख्य आरोपित अजय सिंह पुलिस की गिरफ्त से बाहर था. पुलिस ने आरोपित अजय सिंह के घर पर डेढ़ माह पूर्व इश्तेहार चिपकाया गया था. इसके बावजूद आरोपित न गिरफ्तार हो सका और न सरेंडर ही किया.
पुलिस लगातार छापेमारी भी कर रही थी. अंततः पुलिस ने कोर्ट से निर्गत कुर्की वारंट के आधार पर गुरुवार को सीओ हेमंत कुमार झा, थानाध्यक्ष मनोज कुमार व सहायक अवर निरीक्षक मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में गुरुवार को हत्यारोपित अजय सिंह के घर पहुंचकर कुर्की शुरू कर दी. कुर्की के लगभग दो घंटे के बाद हत्यारोपित अजय सिंह के पुलिस कप्तान के समक्ष आत्मसमर्पण की सूचना पुलिस को मिली.
इस पर पुलिस ने कुर्की की कार्रवाई रोक दी. साथ ही कुर्की कर ली गयी सामग्री को गांव के ही निवासी पलटन सिंह के पुत्र बृजेश कुमार सिंह को जिम्मेनामा पर सौंप दिया. कोयलादेवा गांव के निवासी व सेवानिवृत्त शिक्षक चंद्रसेन सिंह व उनके पड़ोसियों के बीच भूमि विवाद चल रहा था. इसी दौरान गत वर्ष 28 मई को चंद्रसेन सिंह के छोटे पुत्र धीरेंद्र प्रताप सिंह की पड़ोसियों ने दिनदहाड़े गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी थी. इस मामले को लेकर मृतक के पिता ने प्राथमिकी दर्ज करायी थी, जिसमें अपने ही पड़ोसी अजय सिंह, शिवजी सिंह, धनंजय सिंह व पंकज सिंह को आरोपित था.