भोरे : कारोबारी रामाश्रय सिंह हत्याकांड में पुलिस ने कोर्ट के आदेश के बाद छह आरोपितों के घर पर शुक्रवार को इश्तेहार चिपका दिया, जबकि तीन आरोपितों के ऊपर धारा 82 के तहत कार्रवाई नहीं की गयी है. वहीं, इस कांड के तीन आरोपितों ने जिला सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र कुमार की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है.
छह आरोपितों के घर पुलिस ने चिपकाया इश्तेहार
भोरे : कारोबारी रामाश्रय सिंह हत्याकांड में पुलिस ने कोर्ट के आदेश के बाद छह आरोपितों के घर पर शुक्रवार को इश्तेहार चिपका दिया, जबकि तीन आरोपितों के ऊपर धारा 82 के तहत कार्रवाई नहीं की गयी है. वहीं, इस कांड के तीन आरोपितों ने जिला सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र कुमार की अदालत में अग्रिम जमानत […]

इस पर सुनवाई के लिए उनके आवेदन पत्र को एडीजे-पांच और एडीजे-सात के कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया, जिस पर शनिवार को सुनवाई होगी. इधर, पुलिस फरार चल रहे आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.
कोर्ट आदेश पर पुलिस ने छह आरोपितों के घर पर चस्पाया इश्तेहार : गुरुवार की देर शाम कोर्ट ने धारा 82 के तहत इस कांड में शामिल नौ में से छह आरोपितों के खिलाफ इश्तेहार जारी कर दिया. इससे पूर्व भोरे थानाध्यक्ष सह कांड के अनुसंधानकर्ता कृष्ण कुमार ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के कोर्ट में फरार चल रहे आरोपितों के खिलाफ धारा 82, 83 के तहत इश्तेहार और कुकी के लिए आदेश मांगा था.
लेकिन कोर्ट ने धारा 83 के तहत कोई कार्रवाई नहीं की. कोर्ट द्वारा इश्तेहार जारी करने के बाद सोमवार की सुबह भारी संख्या में पुलिस बल के साथ भोरे थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार ने विवेक सिंह, विनय मिश्र, अरुण कुमार मिश्र उर्फ पप्पू मिश्र, संजय मिश्र उर्फ बबलू मिश्र, प्रभुनाथ सिंह और अवधेश गोंड के घर पर इश्तेहार चिपकाया है. वहीं, ब्रज किशोर सिंह उर्फ बुची सिंह, राजू सिंह और राघवेंद्र सिंह के घर पर इश्तेहार नहीं चिपकाया गया है. इन तीनों के अधिवक्ता ने कोर्ट से कहा कि तीनों ने अग्रिम जमानत याचिका दायर किया है, इसलिए इनके ऊपर 82 की कार्रवाई नहीं की जा सकती.
13 जून को हुई थी रामाश्रय सिंह की हत्या, नौ बने थे अभियुक्त
13 जून की दोपहर दो बजे कोल्ड स्टोरेज और पेट्रोल पंप के मालिक रामाश्रय की खजुरहां में निर्माणाधीन पेट्रोल पंप गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी. इस घटना के बाद भड़के ग्रामीणों ने थाना पर पथराव भी किया था. बाद में डीएम, एसपी और डीआईजी के आने के बाद मामला शांत हुआ था. इस मामले में मृतक रामाश्रय सिंह के बड़े भाई के बयान पर नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी थी.
किलरों तक नहीं पहुंच पा रहे पुलिस के हाथ : रामाश्रय सिंह की हत्या में पुलिस के हाथ किलरों तक नहीं पहुंच पा रही. हत्या कांड को पेशेवर शूटरों के द्वारा अंजाम दिया गया. उधर, हत्याकांड में नामजद किये आरोपितों को निर्दोष बताकर सोशल साइट पर इंसाफ की अपील की जा रही है.
तैनात हैं बीएमपी और रैफ के जवान : रामाश्रय सिंह की हत्या के बाद भोरे में जो तनाव और दहशत का माहौल बना था वह अब भी बरकरार है. घटना के बाद किसी तरह का माहौल न बिगड़े इसके लिए दस दिन बाद भी भोरे के हर चौक चौराहों पर बीएमपी और रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों को तैनात रखा गया है.