गोपालगंज : इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) के डॉक्टरों ने नर्सिंग होम पर हुई कार्रवाई के विरोध में एक सप्ताह में दूसरी बार हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है. इस बार राज्य भर के सभी डॉक्टर शनिवार को एक दिन की हड़ताल पर रहेंगे. डॉक्टरों ने इमरजेंसी को छोड़कर सभी सेवा ठप रखने की बात कही है. इसके पहले 30 मई को सभी चिकित्सक हड़ताल पर थे, जिसके कारण करीब पांच हजार मरीजों को इलाज में परेशानी हुई. आइएमए के सचिव वैद्यनाथ सिंह ने बताया कि नर्सिंग होम को सील करने का कोई नियम नहीं है.
कल हड़ताल पर रहेंगे आइएमए के डॉक्टर
गोपालगंज : इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) के डॉक्टरों ने नर्सिंग होम पर हुई कार्रवाई के विरोध में एक सप्ताह में दूसरी बार हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है. इस बार राज्य भर के सभी डॉक्टर शनिवार को एक दिन की हड़ताल पर रहेंगे. डॉक्टरों ने इमरजेंसी को छोड़कर सभी सेवा ठप रखने की बात […]

अवैध रूप से चल रहे नर्सिंग होम पर जिला प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गयी. उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को बदनाम करने के उद्देश्य से प्रशासन ने घर के साथ नर्सिंग होम को सील किया. आइएमए ने चिकित्सकों के मौलिक अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया है. हड़ताल पर जाने के बाद सभी नर्सिंग होम व क्लिनिक बंद रहेंगे. आइएमए के डॉक्टर सरकारी अस्पतालों में भी काम नहीं करेंगे.
इमरजेंसी हो तभी घर से दिखाने निकलें : आइएमए की हड़ताल के कारण शनिवार को निजी क्लिनिक बंद रहेंगे. ओपीडी सेवा सरकारी अस्पतालों में भी बंद रहेगी. सिर्फ इमरजेंसी सेवा चालू रहेगी. ऐसी स्थिति में मरीजों को इलाज कराने में परेशानी होगी. इमरजेंसी होने पर ही मरीज को सरकारी अस्पताल में लेकर जाएं, अन्यथा ओपीडी के लिए मरीजों को यूपी की ओर रुख करना पड़ेगा.
क्या है पूरा मामला
जैव चिकित्सा अवशिष्ट (बायो मेडिकल वेस्ट) प्रबंधन नियम, 2016 के तहत सभी नर्सिंग होम को अनुपालन करने का निर्देश दिया गया था. प्रशासन का कहना है कि जिन नर्सिंग होम पर कार्रवाई हुई है, उन्होंने बायो मेडिकल वेस्ट का अनुपालन नहीं किया. जैव चिकित्सा अवशिष्ट में मानव, पशु शारीरिक अवशिष्ट, उपचार उपकरण जैसे सीरिंज (सुई) आदि शामिल हैं. इनके प्रबंधन का अनुपालन नहीं किये जाने पर कार्रवाई जा रही है.