आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने से आंदोलन पर उतरे लोग
मीरगंज : हरखौली में तीन धूर जमीन के लिए हुई हिंसक झड़प में घायल महिला की इलाज के दौरान मौत होने के बाद पुलिस की कार्रवाई नहीं होने से लोगों का आक्रोश फूट पड़ा. शव को शनिवार की सुबह 9.45 बजे मीरगंज के जेपी चौक पर रख कर लोगों ने सड़क को जाम कर दिया तथा आगजनी करते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. लोग पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगा रहे थे. सूचना पर पहुंची मीरगंज पुलिस को आक्रोश का सामना करना पड़ा.
उग्र लोग आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी व मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की मांग कर रहे थे. बाद में हथुआ से कार्यपालक दंडाधिकारी अनिल कुमार सिंह, थानाध्यक्ष, पुलिसकर्मी व नगर पंचायत के अध्यक्ष प्रतिनिधि ज्वाला कुमार, उपाध्यक्ष धनंजय यादव, पूर्व उपाध्यक्ष आनंद यादव, रोहित मिश्र, गोविंद मिश्र, ब्रह्माजी प्रसाद, कृष्णाजी, विजय आनंद, दीपेश उर्फ राजू गुप्ता व अन्य लोग पहुंचे. काफी मशक्कत के बाद लोगों को शांत करा कर दोपहर 12.30 बजे जाम को हटाया जा सका. प्रशासन के आश्वासन के बाद लोग शव का अंतिम संस्कार के लिए ले गये.
अधिकारियों ने दिया समुचित मुआवजे का आश्वासन: आक्रोश को शांत कराने में प्रशासन के अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी. अधिकारियों ने कहा कि मृतक के परिजनों को मुआवजा दिया जायेगा. उग्र लोगों का कहना था कि रिक्शा चलाकर अपने परिजनों का पेट पालने वाला हीरालाल मांझी के पास दाह संस्कार करने तक पैसा नहीं है. गरीबी की मार को झेल रहे पीड़ित की दशा और पुलिस की भूमिका से लोगों में नाराजगी थी. गुरुवार को जमीन को लेकर हुई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. यहां तक कि महिला की मौत के बाद भी पुलिस एक आरोपित मुन्ना मांझी को गिरफ्तार किया, जबकि अन्य
आरोपित अब तक गिरफ्तार नहीं किये गये.
मानवाधिकार आयोग के कार्यकर्ताओं ने ली जानकारी
तीन धूर जमीन के लिए रिक्शाचालक की पत्नी की हत्या की खबर मिलने के बाद पीड़ित परिजनों से मिलने पहुंचे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के प्रदेश सचिव गोविंद मिश्र, रोहित मिश्र, विकास आदि सहयोगियों ने न सिर्फ पीड़ित परिजनों को आश्वासन दिया, बल्कि इस मामले को मानवाधिकार में उठा कर उचित मुआवजा दिलाने का भी भरोसा दिलाया.
बच्चों का रो-रोकर का बुरा हाल
केसरी देवी के पांच बच्चे हैं. बेटा मंटू, रवि, अमन, आशिष तथा बेटी अनिशा का रो-रोकर बुरा हाल है. मौत से पहले केसरी देवी ने अपना बयान दर्ज कराया था, जिसमें जंगली मांझी, शंभु मांझी, लखीचंद मांझी, शनिचरी देवी, काजल कुमारी को नामजद अभियुक्त बनाया था.
क्या है मामला
हरखौली वार्ड नं एक के रहने वाले हीरालाल मांझी रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं. हीरालाल व जंगली मांझी के बीच जमीन को लेकर गुरुवार को हिंसक झड़प हो गयी, जिसमें हीरालाल व उसकी पत्नी केसरी देवी समेत कई लोग घायल हो गये. सभी को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां केसरी देवी की मौत हो गयी.
