नामांकन में अधिक राशि वसूलने का आरोप

बरौली़ : सर, नौवीं क्लास में एडमिशन कराना है. जवाब- हो जायेगा, ढाई सौ रुपये लगेंगे. छात्र ने पूछा- पावती रसीद भी मिलेगी. रसीद चाहिए तो दूसरी जगह चले जाओ, यहां नामांकन के लिए जगह नहीं है. यह किस्सा नहीं, बरौली हाई स्कूल का तुगलकी कानून है जहां नामांकन से लेकर फॉर्म भरने तक मनमाने […]

बरौली़ : सर, नौवीं क्लास में एडमिशन कराना है. जवाब- हो जायेगा, ढाई सौ रुपये लगेंगे. छात्र ने पूछा- पावती रसीद भी मिलेगी. रसीद चाहिए तो दूसरी जगह चले जाओ, यहां नामांकन के लिए जगह नहीं है. यह किस्सा नहीं, बरौली हाई स्कूल का तुगलकी कानून है जहां नामांकन से लेकर फॉर्म भरने तक मनमाने पैसे की वसूली तो की जाती है लेकिन पावती रसीद नहीं दी जाती. यदि किसी ने रसीद या शुल्क की डिटेल्स पूछ दी गयी तो उसका नाम नहीं लिखा जाता.

यहां शुल्क का हिसाब भी मनमानी है. आसपास के कुछ स्कूलों में नौवें वर्ग में 130 से 150 रुपये में नामांकन हो रहे हैं. यहां नौंवी में नामांकन के नाम पर ढाई सौ रुपये की वसूली की जा रही है. पिछले वर्ष यहां छात्रवृत्ति में मनमानी पर छात्रों ने प्रदर्शन भी किया था, शिकायत वरीय अधिकारियों तक गयी़ स्कूलों की कमी होने के कारण नामांकन कराना अभिभावकों की मजबूरी है.

क्या कहते हैं हेडमास्टर
पूरे एक साल का शुल्क नामांकन में लिया जा रहा है. इसमें कहीं से भी नाजायज पैसा नहीं है. स्कूल में स्टाफ की कमी है, जिसके कारण पावती रसीद नहीं दी जाती है. शुल्क के नाम पर किसी को अपशब्द या धमकी भरी बात नहीं कही जाती.
मोहिबुल हक, हेडमास्टर, हाईस्कूल बरौली.

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