गोपालगंज : जेठ माह में धूप अपने चरम पर है. लगातार गर्मी बढ़ती जा रही है और उसके साथ ही आम आदमी की मुश्किलें भी. दो दिन में पारा छह डिग्री सेल्सियस बढ़ गया. शनिवार को गर्मी इतनी ज्यादा थी कि दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा. बहुत जरूरी काम होने पर ही लोग घरों से निकले.
मंगलवार को न्यूनतम तापमान में लगभग 1.5 डिग्री सेल्सियस वृद्धि हुई. सुबह तो आसमान पर बादलों का कब्जा था. जैसे-जैसे दिन चढ़ता चला गया वैसे-वैसे मौसम साफ होने लगा. दोपहर में सूरज धधकने लगा. गर्म हवाएं चलीं, जो बेचैन करने वाली थी. आलम यह था कि दोपहर में धूप चुभने लगी. दिन में हवा भी कम चली, जिससे उमस बनी रही. लोग पसीने से तर-बतर होते रहे. बिजली घंटा भर कट जाने पर लोग बेचैन हो जा रहे थे. आसमान साफ होने पर धूप के तेवर तीखे रहे. गर्म हवा चली तो लोग व्याकुल होने लगे. दोपहर बाद तो कूलर व पंखा भी बेअसर होने लगा. इसकी वजह से बेल, बर्फ आदि के शर्बत, शिकंजी, गन्ने का रस और शीतल पेय की खूब बिक्री हुई. अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हुई है.
कमजोर पड़ा चक्रवाती सिस्टम
मौसम विज्ञानी डॉ एसएन पांडेय के अनुसार, जम्मू-कश्मीर से सटे हिमाचल तथा इराक पर एक पश्चिमी विक्षोभ स्थित है. साथ ही पश्चिमी बंगाल, बिहार और सटे उत्तर प्रदेश पर ऊपरी हवाओं में चक्रवाती सिस्टम बना था. बिहार व सटे उत्तर प्रदेश पर बना यह चक्रवाती सिस्टम कमजोर पड़ गया. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल व उत्तराखंड में हवा व गरज के साथ बारिश हो सकती है, पंजाब व राजस्थान के कुछ स्थानों पर धूल भरी आंधी आ सकती है.
उत्तर बिहार में कुछ कुछ जगहों पर गरज व हवा के साथ हल्की बारिश नौ मई को होने का अनुमान है.
14.8 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चली पुरवा हवा
मौसम विज्ञानी डॉ एसएन पांडेय की मानें तो मंगलवार को अधिकतम तापमान 0.6 डिग्री घटकर 40.3 डिग्री पर आ गया. जबकि, न्यूनतम तापमान लगभग एक डिग्री बढ़कर 25.8 डिग्री सेल्सियस रहा. अधिकतम आर्द्रता 80 फीसदी व न्यूनतम आर्द्रता 44 फीसदी रही. पूर्वी की तरफ से हवाएं 14.8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थीं. जबकि, लोकल हिटिंग के कारण 42 डिग्री जैसी गर्मी का अहसास हुआ.
