बदला मौसम का मिजाज, छाये बादल, 4.5 डिग्री और गिरा पारा

32.2 किमी की रफ्तार से चलती रही पुरवा हवा गोपालगंज : मौसम का मिजाज पूर्वानुमान के अनुरूप बदल गया. पुरवा हवा जोर पकड़ ली. हवा के जोर पकड़ने से मौसम में नमी आयी. पारा 1.2 डिग्री और गिर गया. बुधवार को अधिकतम तापमान 40.2 था, जो घटकर 39 डिग्री पर आ गया. उसी तरह न्यूनतम […]

32.2 किमी की रफ्तार से चलती रही पुरवा हवा

गोपालगंज : मौसम का मिजाज पूर्वानुमान के अनुरूप बदल गया. पुरवा हवा जोर पकड़ ली. हवा के जोर पकड़ने से मौसम में नमी आयी. पारा 1.2 डिग्री और गिर गया. बुधवार को अधिकतम तापमान 40.2 था, जो घटकर 39 डिग्री पर आ गया. उसी तरह न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री से 4.5 डिग्री गिरकर 20.1 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि पुरवा हवा 32.2 किमी की रफ्तार से चलती रही. हवा के बदले रुख से बादलों की आवाजाही भी बनी रही. बदन झुलसाने वाली गर्मी से लोगों को राहत तो मिली, लेकिन पुरवा हवा के जोर पकड़ने से खेतों में जिन किसानों के गेहूं की फसल है, उनका होश उड़ा हुआ है. गेहूं की दौनी भी बाधित हो रही है.
उधर, मौसम विज्ञानी डॉ एसएन पांडेय की मानें तो मौसम का पूरे सप्ताह ऐसे ही मौसम के बने रहने के आसार हैं. अधिकतम तापमान 36 से 38 तथा न्यूनतम तापमान 20 डिग्री के आसपास रहेगा. आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी. शुक्रवार, शनिवार को बूंदा-बांदी के भी आसार बने हुए हैं.
बीमार कर रही मौसम : मौसम में उतार-चढ़ाव के चलते लोगों की पुरानी दर्द भी उभरने लगी है. बदन दर्द, सर्दी-खांसी, उलटी-दस्त, डायरिया, हीट स्ट्रोक और अन्य संक्रामक बीमारियों ने लोगों की सेहत पर धावा बोल दिया है. एक पखवारे के भीतर सदर अस्पताल और हथुआ अनुमंडलीय अस्पताल में ही 300 से अधिक डायरिया पीड़ित मरीजों को भर्ती करना पड़ा है. इनमें बच्चों की संख्या सर्वाधिक है. प्राइवेट अस्पतालों में इससे कई गुना मरीज भर्ती हैं.
इलाज से संतुष्ट नहीं परिजन : जंगलिया के साहिल की डेढ़ वर्षीया बेटी रीबा खान, मीरगंज के मो. अयूब की 10 वर्षीया बेटी सादान, सरेया के प्रदीप के एक वर्षीय बेटे रियांस को उलटी-दस्त की शिकायत पर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. अभिभावकों ने बच्चों की हालत में सुधार न होने की बात कही. अन्य मरीजों ने दवाइयां व पर्याप्त देखभाल न होने की शिकायत की.
क्या कहते हैं जिम्मेदार
गर्मी बढ़ते ही उलटी, दस्त, डायरिया आदि के मरीज बढ़ गये हैं. अस्पताल में संक्रामक बीमारियों से संबंधित समस्त दवाइयां और उपचार की सुविधा है.
डॉ पीसी प्रभात, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल
खुद करें निगरानी
पीड़ित बच्चे को ओआरएस का घोल पिलाते रहें.
कटे-फटे फल व बासी भोजन न खाएं.
ज्यादा तैलीय व मसालेदार न खाएं.
ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं.
हीट स्ट्रोक से बचें.
धूप में बाहर निकलें तो सिर व शरीर को ढक लें.
कोल्ड ड्रिंक के बजाय नींबू-पानी, शरबत पीएं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >