नर्स, ममता व दाई के भरोसे रही भर्ती मरीजों की जान
इलाज के अभाव में बिगड़ने लगी कई मरीजों की हालत
गोपालगंज : सदर अस्पताल के प्रसव वार्ड में रविवार की रात डॉक्टर नहीं थे. प्रसव वार्ड में भर्ती मरीजों की जान नर्स, ममता और दाई के भरोसे थी. सोमवार की सुबह होते ही अचानक जच्चा-बच्चा समेत तीन लोगों की मौत हो गयी, जबकि कई मरीजों की हालत इलाज के अभाव में बिगड़ने लगी. हर वार्ड में मरीज दर्द से कराह रहे थे. परिजनों को डॉक्टर का इंतजार था. उधर, अपनों की मौत से आहत परिजन हंगामा करने लगे. करीब छह घंटे के इंतजार में एक-एक कर जच्चा-बच्चा समेत तीन लोगों की मौत हुई.
मरनेवालों में मांझा थाना क्षेत्र के कुर्मी टोला निवासी असलम अंसारी की पत्नी खुदैजा खातून व कुचायकोट के सपहां गांव के विनोद साह का नवजात पुत्र शामिल था. खुदैजा खातून के पति विदेश में रहते हैं. घर पर सिर्फ महिलाएं ही थीं. रात में ही प्रसव पीड़ा तेज होने पर सदर अस्पताल लाया गया था. अस्पताल में भर्ती बरौली के सिसई निवासी मुकेश गुप्ता का परिवार भी प्रसव वार्ड में भर्ती था. मुकेश ने बताया कि इलाज के लिए कोई डॉक्टर मौजूद नहीं थे. भगवान भरोसे इनके परिवार से आयी महिला की जान बचायी गयी.
