सोनी को इंसाफ दिलाने के लिए नौकरी छोड़ ठोकर खा रहा बाप

गोपालगंज : साहब! दारोगा जी कहते हैं घर में छुप कर जान बचाओ. बेटी के हत्यारे जेल से बाहर आते ही मारने की कोशिश कर रहे हैं. पूरा परिवार दहशत में है. सोनी की हत्या के अधिकतर आरोपित पुलिस पकड़ से बाहर हैं. पुलिस उनपर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें छूट दे रखी है. सारण […]

गोपालगंज : साहब! दारोगा जी कहते हैं घर में छुप कर जान बचाओ. बेटी के हत्यारे जेल से बाहर आते ही मारने की कोशिश कर रहे हैं. पूरा परिवार दहशत में है. सोनी की हत्या के अधिकतर आरोपित पुलिस पकड़ से बाहर हैं. पुलिस उनपर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें छूट दे रखी है. सारण के डीआईजी को उक्त बातें कहकर बैकुंठपुर थाना के अलेपुर गांव के रहने वाले योगेंद्र फफक पड़े. योगेंद्र दिल्ली में प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे. बेटी की हत्या के बाद उसे इंसाफ दिलाने के लिए कोर्ट और पुलिस का चक्कर लगा रहे हैं.

क्या है पूरा मामला : बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के अलेपुर गांव के योगेंद्र राय की बेटी सोनी कुमारी 14 वर्ष गत 15 मार्च 2017 को शाम 6.30 बजे मदन राय की पत्नी एवं लालबाबू की पत्नी एवं मनोज महतो पहुंचे और सोनी को बुलाकर ले गये. मां उर्मिला देवी खेत से लौटी तो उसकी बेटी नहीं थी. 19 मार्च की शाम में राजा पट्टी कोठी के समीप अजय सिंह के कुआं से शव बरामद हुआ. सोनी का दोष सिर्फ इतना था की मनोज महतो के अवैध रिश्तों को उसने देख लिया था.
जमानत पर रिहा हुआ है मनोज : सोनी हत्या कांड में पुलिस जांच के नाम पर टालती रही. जब वरीय अधिकारियों ने डाट फटकार लगायी तो मनोज महतो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. वह जमानत पर रिहा हो चुका है. रिहा होने के बाद 21 मार्च की शाम में चाकू लेकर योगेंद्र तथा उसके बेटा को मारने के लिए पहुंच गया. जब पुलिस को सूचना दी गयी तो पुलिस के अधिकारी ने कहा कि छुप कर जान बचा लो बाद में देखेंगे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >