गोपालगंज : खाते में कैश पर कर्ज ले रहे ग्राहक
एटीएम में ‘कैश नहीं’ का बोर्ड, भटक रहे लोग
एटीएम में ‘कैश नहीं’ का बोर्ड टंग गया है. पिछले कई दिनों से यह बोर्ड हट नहीं पा रहा है. कैश को लेकर हाहाकार की स्थिति है. लोग कैश की उम्मीद में एटीएम पहुंच रहे हैं, मगर यहां उनकी उम्मीद टूट रही है. लोग सरकार व बैंक प्रबंधन को कोसते हुए निकल रहे हैं. कई एटीएम पर नियुक्त गार्ड से नोकझोंक भी होने लगी है. गांव की अधिकतर एटीएम महीनों से बेकार हो चुकी हैं.
शहर में भी पिछले 62 दिनों से एटीएम छलावा बन चुकी है. बैंक से जुड़ी एटीएम भी लोगों की जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रही है. इक्के-दुक्के एटीएम को छोड़ दें तो शहर की एटीएम मृतप्राय हो चुकी हैं. बैंकों के करेंसी चेस्ट का कहना है कि कैश नहीं मिलने से यह स्थिति है. आरबीआई से कैश मिलने के बाद ही स्थिति सामान्य हो पायेगी. हालांकि इनका दावा है कि अपने स्तर से जहां तक हो पा रहा है एटीएम में कैश डाले जा रहे हैं.
नो कैश : अन्नदाताओं की बढ़ रही पीड़ा
बैंकों का खजाना खाली होने के कारण अन्नदाता संकट में हैं. गन्ना की पर्चियों के भुगतान पर ही पूरा कार्य निर्भर है. किसानों के गन्ना का भुगतान चीनी मिल बैंकों को भेज दे रहा है. लेकिन, किसानों को कैश नहीं मिल पा रहा. नतीजा है कि किसानों के घर शादी-विवाह, छोटे-बड़े सभी कार्यक्रम बाधित हो रहे हैं. अभी किसानों के बच्चों की पढ़ाई के लिए काॅपी, किताब, री-एडमिशन भी प्रभावित हो रहा है.
कैशलेस एटीएम की निगरानी कर रहे गार्ड
एटीएम में भले ही कैश न हो, मगर उसकी निगरानी में कोई कमी नहीं है. यहां नियुक्त गार्ड अपनी ड्यूटी में मुस्तैद है. इन्हें लोगों के आक्रोश का भी सामना करना पड़ रहा है. कैश नहीं मिलने से आक्रोशित लोग गार्ड पर तंज कस रहे हैं. इससे नोकझोंक की स्थिति बनी हुई है. एक गार्ड ने कहा कि पिछले कई दिनों से वह मानसिक पीड़ा के साथ ड्यूटी कर रहा है. लोग तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं.
