गोपालगंज : उत्तर बिहार में लश्कर-ए-तैयबा के लिए टेरर फंडिंग जुटाने वाले नेटवर्क में शामिल गोपालगंज के मुकेश समेत उसके नौ साथियों को रिमांड पर लेने के लिए लखनऊ एटीएस की टीम ने लखनऊ कोर्ट में अर्जी दिया. कोर्ट बुधवार को उन्हें पुलिस कस्टडी में दे सकती है. पाकिस्तान से संचालित कुख्यात आतंकी संगठन ‘लश्कर-ए-तैयबा के फंडिंग नेटवर्क से जुड़े इन अभियुक्तों से पूछताछ के आधार पर एटीएस को कई अहम इनपुट मिलने की उम्मीद है.
उत्तर भारत में मजबूत नेटवर्क को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से जांच करने में जुटी है. बिहार में मुकेश के नेटवर्क में अभी कई लोगों के शामिल होने की संभावना को सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही है. एटीएस सभी गिरफ्तार अभियुक्तों को कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी. एटीएस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि यूपी के गोरखपुर, आजमगढ़, प्रतापगढ़ व लखनऊ, मध्य प्रदेश के रीवा और बिहार के गोपालगंज के मांझा थाना क्षेत्र के आलापुर के रहने वाले मुकेश कुमार कुल 10 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया था.
उनके कब्जे से नकद 52 लाख रुपये, बड़ी संख्या में बैंकों के एटीएम डेबिट कार्ड व बैंक पासबुक समेत अन्य सामान बरामद हुए थे. एटीएस ने 9 अभियुक्तों को कोर्ट में पेश कर दिया था, जिससे वे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिये गये थे. मध्य प्रदेश से गिरफ्तार अभियुक्त उमा प्रताप सिंह को 25 मार्च को रीवा में कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत कर ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर लिया था. सोमवार को उसे लखनऊ लाया . अब उसे कोर्ट में पेश करके पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया और यह जानने के प्रयास में जुटी की उसके पास धन कहां-कहां से आया और कहां-कहां गया? उमा प्रताप के साथियों और सहयोगियों की तलाश में एमपी एटीएस की सहायता ली जा रही है.
