एटीएस के खुलासे के बाद बिखर गये शिक्षक पिता
टूट चुके गुरुजी, पूरे दिन लोगों के सामने आने से कतराते रहे
मांझा : एटीएस की टीम ने गोरखपुर से आलापुर गांव के मुकेश कुमार को गिरफ्तार कर जो सनसनीखेज खुलासा किया है, उससे शिक्षक पिता के दामन पर दाग लग गया है. कभी न धुलने वाला यह दाग गुरुजी को पूरी तरह से तोड़ कर रख दिया है. बात कर रहे हैं आलापुर गांव के शिक्षक जलेश्वर प्रसाद की. जलेश्वर प्रसाद पड़ोसी गांव शेख परसा प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक हैं. इलाके में उनका अपना सम्मान है. उनके बताये मार्ग पर छात्र चल कर देश ही नहीं विदेशों में भी परचम लहरा रहे हैं. कभी अपने सिद्धांतों से जलेश्वर प्रसाद समझौता नहीं किये. जब बच्चे छोटे थे तो पत्नी ने साथ छोड़ दिया. बेटा और बेटियों को मां-बाप का प्यार देकर पाला.
बड़ा बेटा मुकेश तथा छोटा बेटा विकास कुमार पढ़ाई पूरा करने के बाद महाराष्ट्र के पुणे में जेसीबी मशीन चलाता है, जबकि मुकेश गांव में रहता था. इंटर की पढ़ाई पूरी कर बिजनेस करने की तैयारी में था. पिता को इस बात का मलाल है कि मुकेश ने कभी कुछ भी परिजनों को नहीं बताया. एटीएस के खुलासे से स्पष्ट हुआ है कि मुकेश का नेटवर्क लश्कर-ए-तैयबा के टेरर फंडिंग से जुड़ा हुआ है.
पिता जलेश्वर प्रसाद लोगों के सामने भी आने से कतराते रहे. पूरे दिन घर छोड़ कर कहीं गुमनाम रहे. बड़ी मुश्किल से जब उनसे संपर्क किया गया तो वे फफक पड़े. उन्हें भी लगता कि उनके बेटे को फंसाया गया है. बेटे के पास पुराना मॉडल का एक नोकिया के मोबाइल के अलावा कुछ भी नहीं था. वह टेरर फंडिंग के नेटवर्क से कैसे जुड़ गया. शिक्षक पिता की आंखों से आज आंसू नहीं थम रहा.
