चैत्र मेला शुरू, उमड़ा आस्था का सैलाब
थावे : चैत्र नवरात्र में हवन होने के साथ ही थावे दुर्गा मंदिर परिसर में सुप्रसिद्ध चैत्र मासिक मेला सोमवार से शुरू हो गया, जो एक महीने तक चलेगा. रविवार की मध्य रात से चैत्र नवरात्र को लेकर हवन शुरू हुआ, जो सोमवार को दोपहर बाद तक होता रहा. हवन को लेकर हजारों की संख्या […]
थावे : चैत्र नवरात्र में हवन होने के साथ ही थावे दुर्गा मंदिर परिसर में सुप्रसिद्ध चैत्र मासिक मेला सोमवार से शुरू हो गया, जो एक महीने तक चलेगा. रविवार की मध्य रात से चैत्र नवरात्र को लेकर हवन शुरू हुआ, जो सोमवार को दोपहर बाद तक होता रहा. हवन को लेकर हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे. पुरुष, महिलाएं, युवक व युवतियों की काफी भीड़ थावे पहुंच हवन-पूजन व मां का दर्शन किया.
सबसे पहले नवरात्र को लेकर जिले के विभिन्न गांवों, शहरों व आसपास के जिलों से आये हजारों श्रद्धालुओं ने मंदिर के बाहर बने कुंड में हवन-पूजन किया. मंदिर के पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन करवाया. इसके बाद श्रद्धालुओं ने मां भवानी का दर्शन व पूजन किया तथा पूरे परिवार की खुशहाली का आशीर्वाद मांगा. वहीं, महिलाओं ने मंदिर के आसपास व जंगल परिसर में पूड़ी व अन्य पकवान बनाया और उसे मिट्टी की कड़ाही में रखकर मां की चरणों में प्रसाद स्वरूप अर्पित किया.
कुव्यवस्था के बीच की पूजा-अर्चना : मंदिर में मां भवानी के दर्शन व पूजन के लिए रविवार की रात से लेकर सोमवार को पूरे दिन श्रद्धालुओं को कुव्यवस्था के बीच पूजा-अर्चना करनी पड़ी. मंदिर में प्रवेश के लिए श्रद्धालुओं को काफी जद्दोजहद करनी पड़ी. कई बार तो महिला व पुरुष एक ही साथ भीड़ के रूप में अंदर प्रवेश करने लगते. इससे महिला श्रद्धालुओं को काफी परेशानी झेलनी पड़ी. प्रशासन की व्यवस्था की पोल यहां खुल गयी और श्रद्धालु काफी मशक्कत करते दिखे.
कई बार तो भीड़ का आलम यह रहा कि बाहर से अधिक लोग मंदिर में घुसे थे और धक्का-मुक्की हो रही थी. वैसे प्रशासन द्वारा यहां दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी व वोलेंटियर की तैनाती की गयी थी, लेकिन सभी मूकदर्शक बने रहे. श्रद्धालुओं ने कुव्यवस्था के बीच ही पूजा-अर्चना की.
राज घराने के सदस्यों ने की पूजा-अर्चना
मां दुर्गा मंदिर में रविवार की देर शाम हथुआ की महारानी पूनम शाही व महाराज मृगेंद्र प्रताप शाही ने पूजा-अर्चना की. नवरात्र की नवमी तिथि को मंदिर के पुजारी सुरेश पांडेय ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महाराज व महारानी से मां भवानी की पूजा-अर्चना करायी. वहीं, नवमी पूजा के बाद महारानी ने मां भवानी को खोइंछा भी दिया. इस पूजा को लेकर रविवार की शाम को ही मंदिर की साफ-सफाई कर परिसर को फूलों से सजाया गया था. गर्भगृह में महाराज व महारानी ने मां दुर्गा के दर्शन व पूजन किये.
जागरण में झूमते रहे श्रद्धालु
हथुआ के महाराज द्वारा रविवार की रात देवी जागरण का आयोजन मंदिर परिसर में किया गया था. गायक धनंजय निगम व उनकी टीम ने जागरण कार्यक्रम की शानदार प्रस्तुति दी. रविवार की देर शाम शुरू हुए जागरण को सुनने के लिए श्रद्धालु जमे रहे और देर रात तक झूमते रहे.
भक्ति गीत के साथ गायक धनंजय निगम ने कार्यक्रम की शुरुआत की. इसके साथ ही उन्होंने मां शेरावालिये तेरा शेर आ गया, पूजा के होता तैयारी मंदिरवा में, माई डोली चढ़ी अइली सेवक घरवा जैसे भक्ति गीतों से संगीतमय समां बांधकर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया. वहीं, गायिक श्वेता श्रेयरी द्वारा लहरे लहर लहराई रे मेरी मां की चुनरिया गाने की प्रस्तुति की तो महिला श्रद्धालु भी झूमने लगीं. श्रोताओं ने तालियां बजाकर कलाकारों का मनोबल बढ़ाया. वहीं, भीड़ को देखते हुए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गयी थी.